बहरीन की एक अदालत ने देश के खिलाफ साजिश रचने और ईरान के साथ मिलकर काम करने के आरोप में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर बहरीन में आतंकी और शत्रुतापूर्ण हरकतों को अंजाम देने की साजिश में शामिल 9 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है। इसके साथ ही दो अन्य आरोपियों को तीन-तीन साल जेल की सजा सुनाई गई है। यह पूरी जानकारी बहरीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने जारी की है और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है।
बहरीन कोर्ट ने आरोपियों पर क्या आरोप तय किए हैं?
बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों पर बेहद गंभीर आरोप साबित हुए हैं। कोर्ट के अनुसार, ये सभी आरोपी बहरीन की बेहद संवेदनशील और रणनीतिक जगहों की जासूसी कर रहे थे। ये लोग इन महत्वपूर्ण सरकारी और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें ले रहे थे और इसकी जानकारी ईरान को भेज रहे थे। इसके अलावा, बहरीन में अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए इन लोगों ने अवैध तरीकों से पैसों का ट्रांसफर और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया था। जांच में पता चला है कि इस पूरी साजिश के लिए ईरान और बहरीन के कई बैंक खातों का इस्तेमाल पैसों के लेनदेन के लिए किया गया था।
पहले भी की गई थीं इस मामले में कई गिरफ्तारियां
बहरीन के आंतरिक मंत्रालय (Interior Ministry) ने कुछ समय पहले ही इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इससे पहले 9 मई 2026 को बहरीन पुलिस ने ईरान के IRGC नेटवर्क से जुड़े 41 संदिग्धों को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी। अधिकारियों के अनुसार, फरार चल रहे कुछ मुख्य आरोपियों ने बहरीन के अंदर ही युवाओं को लालच देकर इस काम के लिए भर्ती किया था। इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों के पास से बरामद किए गए सभी संदिग्ध सामान और उपकरणों को भी सरकारी कब्जे में लेने का आदेश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन की अदालत ने कितने लोगों को सजा सुनाई है?
बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने ईरान के लिए काम करने के मामले में 9 आरोपियों को उम्रकैद और 2 अन्य आरोपियों को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है।
आरोपियों पर क्या काम करने का आरोप था?
आरोपियों पर आरोप था कि वे ईरान की सेना (IRGC) के इशारे पर बहरीन के संवेदनशील और जरूरी सरकारी ठिकानों की तस्वीरें ले रहे थे और उनकी खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रहे थे।
इस जासूसी के लिए पैसे कहां से आ रहे थे?
जांच में सामने आया है कि इस साजिश के लिए ईरान में बैठे कुछ मुख्य आरोपी बहरीन और ईरान के बैंक खातों का इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी और मनी ट्रांसफर के जरिए पैसे भेज रहे थे।