बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। ईरान की IRGC को गोपनीय जानकारी देने के आरोप में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इन लोगों पर बहरीन के महत्वपूर्ण ठिकानों की जानकारी साझा करने का आरोप था।
किसे और क्यों मिली उम्रकैद की सजा?
कोर्ट ने 11 और 12 मई 2026 को अपना फैसला सुनाया। इसमें एक बहरीन महिला और दो पुरुषों को उम्रकैद की सजा मिली है। महिला ने सोशल मीडिया के जरिए बहरीन के अहम ठिकानों की तस्वीरें और लोकेशन शेयर की थी। वहीं, दो पुरुषों ने IRGC के लिए जासूस के तौर पर काम किया और पैसे इधर-उधर पहुँचाने और खुफिया जानकारी जुटाने का काम किया। इनमें से एक व्यक्ति फरार होकर ईरान जा चुका है, जिसे अदालत ने गैर-मौजूदगी में सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर 10,000 बहरीन दीनार का जुर्माना भी लगाया है।
जांच में क्या खुलासे हुए?
बहरीन के पब्लिक प्रोसिक्यूशन और इंटीरियर मिनिस्ट्री की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि एक सोशल मीडिया अकाउंट से बहरीन के सैन्य और राजनीतिक ठिकानों की जानकारी शेयर की जा रही थी। आतंकियों के लिए काम करने वाले इन लोगों को ईरान की तरफ से निर्देश मिलते थे। कोर्ट ने उन सभी डिवाइसों को भी जब्त कर लिया है, जिनका इस्तेमाल इन अपराधों के लिए किया गया था।
बहरीन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब बहरीन और अन्य खाड़ी देश ईरान के हमलों से परेशान हैं। हाल ही में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे, जिनमें से बहरीन ने 194 मिसाइल और 523 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था। इसी सिलसिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पहले भी 41 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। साथ ही, ईरान का समर्थन करने वाले 69 लोगों की नागरिकता भी रद्द कर दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन कोर्ट ने जासूसी के मामले में क्या सजा सुनाई?
कोर्ट ने तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और दो आरोपियों पर 10,000 बहरीन दीनार का जुर्माना लगाया है।
आरोपियों ने ईरान की IRGC के लिए क्या काम किया था?
आरोपियों ने बहरीन के महत्वपूर्ण सैन्य और राजनीतिक ठिकानों की तस्वीरें और लोकेशन साझा की थी और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड पहुँचाने का काम किया था।
