बहरीन की ग्रैंड क्रिमिनल कोर्ट में सोमवार 9 मार्च 2026 को उन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई जिन पर ईरान के हमलों का समर्थन करने का आरोप है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने बताया कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर बहरीन के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के वीडियो शेयर कर खुशी जताई थी। इन आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और अब कोर्ट में उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों पर लगे मुख्य इल्जाम
- आतंकवाद का समर्थन: सोशल मीडिया पर हमलों के वीडियो शेयर करना और हमलावरों का हौसला बढ़ाना।
- जासूसी और गद्दारी: प्रतिबंधित सैन्य इलाकों की तस्वीरें लेना और उन्हें विदेशी ताकतों के लिए लीक करना।
- सुरक्षा से खिलवाड़: बहरीन की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेना।
सजा को लेकर सरकार का रुख
सरकारी वकील ने इस मामले को देश के साथ बड़ी गद्दारी बताया है और दो आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बहरीन में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों को भी सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय नियमों का पालन करें और किसी भी सैन्य ठिकाने की फोटो या वीडियो न बनाएं क्योंकि इससे बड़ी कानूनी मुश्किल हो सकती है।
