बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए जासूसी करने के आरोप में 19 लोगों का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस मामले में 11 आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं, जबकि 8 लोग अब भी फरार बताए जा रहे हैं। यह पूरा मामला देश की आंतरिक सुरक्षा और विदेशी जासूसी गतिविधियों से जुड़ा है।

क्या हैं आरोपियों पर आरोप

कोर्ट में चल रहे इस केस में आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पब्लिक प्रोसिक्यूशन के मुताबिक, इन लोगों ने बहरीन की सुरक्षा को खतरे में डालने की कोशिश की। मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

  • IRGC के लिए जासूसी करना और देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाना।
  • बहरीन की सैन्य और सुरक्षा साइटों की फोटो खींचना और उसकी जानकारी ईरान भेजना।
  • महत्वपूर्ण सरकारी और रणनीतिक ठिकानों की खुफिया जानकारी जुटाना।
  • क्रिप्टोकरंसी के जरिए ईरान से पैसा मंगाना और उसका इस्तेमाल ऑपरेशन चलाने में करना।
  • ईरान के ट्रेनिंग कैंपों में जाकर सैन्य प्रशिक्षण लेना।
  • देश में दंगे भड़काने और हिंसा फैलाने के लिए लोगों को उकसाना।

कोर्ट की कार्यवाही और तारीख

बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने इस नेशनल सिक्योरिटी केस की पहली सुनवाई 5 जुलाई 2026 को की। जांच एजेंसियों जैसे नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस और जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ने इस मामले में सबूत जुटाए हैं। इनमें एन्क्रिप्टेड डिवाइस और कुछ खास दस्तावेज शामिल हैं, जिनसे पता चला कि आरोपी ईरान के संपर्क में थे।

हाल के दिनों में हुई अन्य कार्रवाइयां

बहरीन सरकार पिछले कुछ समय से ईरान से जुड़े जासूसी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। मई 2026 में ही कई बड़े फैसले आए थे:

  • 24 आरोपियों के केस में 3 लोगों को उम्रकैद और अन्य को 10 साल तक की सजा सुनाई गई।
  • मई के आखिर में 9 लोगों को उम्रकैद और 2 अन्य को तीन साल की जेल हुई।
  • 9 मई 2026 को गृह मंत्रालय ने IRGC से जुड़े 41 लोगों को गिरफ्तार किया था।
  • अप्रैल 2026 में भी 5 लोगों को जासूसी के आरोप में उम्रकैद की सजा मिली थी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.