बहरीन सरकार ने 15 मार्च 2026 से केकड़े (Crab) पकड़ने पर पाबंदी लगा दी है। यह बैन अगले दो महीने तक, 15 मई 2026 तक लागू रहेगा। इस दौरान बहरीन की समुद्री सीमा के अंदर केकड़े पकड़ने के साथ-साथ उनकी खरीद-बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। सरकार ने यह कदम समुद्री जीवों को सुरक्षित रखने और उनके प्रजनन के समय को देखते हुए उठाया है।

क्या हैं नए नियम और सजा का प्रावधान

मछुआरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बैन के दौरान अगर गलती से भी उनके जाल में केकड़े आ जाएं, तो उन्हें तुरंत वापस समुद्र में छोड़ना होगा। इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए मरीन वेल्थ की टीमें और सुरक्षा एजेंसियां बाजारों में चेकिंग करेंगी। अगर कोई भी व्यक्ति इस दौरान चोरी-छिपे केकड़े बेचता या खरीदता पकड़ा गया, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पाबंदी Edict (52) 2016 कानून के तहत लगाई गई है और इसका पालन करना सबके लिए अनिवार्य है।

मछुआरों पर असर और बाजार में कीमतें

बहरीन में लगभग 500 से अधिक मछुआरे हैं, जिनकी कमाई पर इस बैन का सीधा असर पड़ेगा। वहीं, बाजार में लोकल केकड़ों की सप्लाई रुकने से अब इम्पोर्ट किए गए केकड़े ही मिलेंगे, जिससे इनकी कीमतों में उछाल आ सकता है। फिलहाल बाजार में रिटेल रेट 3.22 से 8.95 BHD (बहरीनी दिनार) प्रति किलो तक चल रहा है। होलसेल बाजार में भी यह 2.26 से 6.28 BHD के बीच बिक रहा है।

बैन लगाना क्यों जरूरी है

पर्यावरण और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि समुद्री जीवों की आबादी बढ़ाने के लिए यह रोक बहुत जरूरी है। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों के अनुसार, इस तरह के सीजनल बैन लगाने से समुद्री जीवों के उत्पादन में 16.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। इसलिए मछुआरों के विरोध के बावजूद सरकार ने पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और यह फैसला सख्ती से लागू रहेगा।