Bahrain: बहरीन से अमेरिकी सेना को भगाने की खबर निकली झूठी, जानिए क्या है असली सच्चाई.

फारस की खाड़ी में इन दिनों तनाव का माहौल बना हुआ है और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। हाल ही में 23 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि बहरीन सरकार ने अमेरिकी सैनिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दे दिया है और सभी मिलिट्री बेस खाली कराए जा रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि बहरीन सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह सारी खबरें सिर्फ अफवाह साबित हो रही हैं, हालांकि क्षेत्र में सैन्य बदलाव जरूर देखने को मिल रहे हैं।
नेवल सपोर्ट एक्टिविटी को हुआ भारी नुकसान
बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना का नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बेस, जो U.S. Navy's Fifth Fleet का मुख्य ठिकाना है, ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से काफी प्रभावित हुआ है। इन हमलों के बाद इस बेस पर कामकाज बहुत हद तक धीमा पड़ गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बेस को काफी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते अमेरिकी प्रशासन को अपने ज्यादातर कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा है।
इसी साल अप्रैल 2026 में अमेरिकी नौसेना ने यह पुष्टि की थी कि बहरीन के इस बेस से लगभग 1,500 सर्विस मेंबर, उनके परिवारों और सैकड़ों पालतू जानवरों को सुरक्षित अमेरिका वापस भेज दिया गया है। इसके अलावा, फिफ्थ फ्लीट का हेडक्वार्टर भी फ्लोरिडा के टैम्पा स्थित MacDill Air Force Base में शिफ्ट कर दिया गया है। बहरीन में मौजूद शेख ईसा एयर बेस पर भी अगस्त के महीने में सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि वहां अमेरिकी विमान और अन्य सैन्य सामान नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि अमेरिका अपनी सेना को दूसरे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।
पेंटागन की नई रणनीति और भविष्य के कदम
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अधिकारी और यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख Adm. Bradley Cooper इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अमेरिकी सेना को पश्चिम की तरफ यानी जॉर्डन और इस्रायल जैसे देशों में शिफ्ट किया जाए। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि ईरानी मिसाइलों की रेंज से अमेरिकी सैनिकों को बचाया जा सके। रक्षा सचिव Pete Hegseth और अमेरिकी सेना के बड़े अधिकारी इस समय को एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं ताकि खाड़ी देशों में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से परखा जा सके।
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बहरीन और कुवैत से अमेरिकी सेना की वापसी को लेकर चल रही इन खबरों पर अगस्त की शुरुआत में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया था। अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन अभी भी इस बात पर मंथन कर रहा है कि जिन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है उनकी मरम्मत कराई जाए या उन्हें हमेशा के लिए छोड़ दिया जाए। हालांकि, स्थानीय बहरीन प्रशासन की तरफ से अमेरिकी सेना को देश से निकालने का कोई भी आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया है और बहरीन में आम जीवन और प्रवासी लोग सामान्य रूप से रह रहे हैं।