Bahrain के विदेश मंत्री Abdullatif Al-Zayani ने Gaza में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने UN सुरक्षा परिषद के रेजोल्यूशन 2803 को एक अनिवार्य संदर्भ के रूप में लागू करने पर जोर दिया है। यह बयान फिलिस्तीनी इलाकों में हाल ही में हुए घटनाक्रमों के जवाब में दिया गया ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।

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UN सुरक्षा परिषद का रेजोल्यूशन 2803 क्या है और यह कैसे काम करेगा?

यह रेजोल्यूशन 17 नवंबर 2025 को अपनाया गया था, जिसमें अमेरिका द्वारा समर्थित ‘Comprehensive Plan’ को मंजूरी दी गई थी। इस योजना का मुख्य मकसद Gaza में युद्ध को समाप्त करना है। इसके तहत कुछ अहम कदम तय किए गए हैं:

  • Board of Peace (BoP): एक अस्थायी प्रशासन बनाया गया है जो Gaza की व्यवस्था संभालेगा।
  • International Stabilization Force (ISF): एक अंतरराष्ट्रीय बल को तैनात करने की अनुमति दी गई है जो हथियारों को हटाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करेगा।
  • IDF की वापसी: तय मानकों और समय सीमा के अनुसार इसराइल की सेना को Gaza से बाहर निकाला जाएगा।

शांति प्रक्रिया में कौन शामिल है और क्या हैं चुनौतियां?

28 अप्रैल 2026 को हुई UN सुरक्षा परिषद की बैठक में Bahrain के विदेश मंत्री ने अध्यक्षता की। इस चर्चा में UN के Khaled Khiari, नॉर्वे के विदेश मंत्री Espen Barth Eide और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री Tony Blair जैसे लोग शामिल हुए। Tony Blair ने Hamas के साथ हथियारों को खत्म करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जानकारी दी।

हालांकि, इस रास्ते में कई रुकावटें भी हैं। Hamas ने इस रेजोल्यूशन को खारिज कर दिया है और साफ कहा है कि वे अपने हथियार नहीं डालेंगे। वहीं, कुछ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि इस प्लान में फिलिस्तीनी लोगों की सहमति नहीं ली गई है, जिससे उनके आत्मनिर्णय के अधिकार पर असर पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रेजोल्यूशन 2803 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य Gaza में युद्ध खत्म करना है। इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल (ISF) और एक अस्थायी प्रशासन (Board of Peace) बनाने का प्रस्ताव है, जो अंततः नियंत्रण reformed Palestinian Authority को सौंप देगा।

Bahrain के विदेश मंत्री ने यह बयान कब और कहां दिया?

विदेश मंत्री Abdullatif Al-Zayani ने 28 अप्रैल 2026 को UN सुरक्षा परिषद की तिमाही खुली बहस के दौरान यह बात कही थी।