Jeddah में GCC देशों की एक बड़ी मीटिंग हुई जिसमें Bahrain के किंग Hamad और सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान शामिल हुए। इस मीटिंग में ईरान की हरकतों और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। दुनिया भर के व्यापार और शांति के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुला रहना बहुत ज़रूरी है।
GCC देशों ने ईरान की हरकतों पर क्या फैसला लिया?
मीटिंग में ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई। GCC Secretary-General Jasem Al Budaiwi ने बताया कि ईरान और खाड़ी देशों के बीच भरोसा बहुत कम हो गया है। सभी सदस्य देशों ने साफ किया कि उन्हें अपनी रक्षा करने का पूरा हक है। मीटिंग में यह भी तय हुआ कि अगर किसी एक GCC देश पर हमला होता है, तो उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बहरीन की क्या मांग है?
Bahrain के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif Al Zayani ने इस समुद्री रास्ते को तुरंत खोलने की मांग की है। उन्होंने UN Security Council की मीटिंग से पहले चेतावनी दी कि रास्ता बंद होने से ग्लोबल ट्रेड और सुरक्षा को बड़ा खतरा है। GCC देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि जहाजों के आने-जाने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए और इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी हाल में कोई फीस नहीं लगनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Bahrain की क्या भूमिका है?
Bahrain इस समय दुनिया के कई अहम मंचों पर बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहा है। अप्रैल 2026 में बहरीन UN Security Council की अध्यक्षता कर रहा है। इसके अलावा बहरीन के पास GCC की प्रेसीडेंसी और Arab League Council की अध्यक्षता का पद भी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC देशों ने ईरान के प्रति क्या रुख अपनाया है?
GCC देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की है और कहा है कि वे अपनी रक्षा के लिए सामूहिक या व्यक्तिगत कदम उठा सकते हैं।
Strait of Hormuz का बंद होना क्यों खतरनाक है?
यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बहरीन के विदेश मंत्री के अनुसार इसके बंद होने से वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए जोखिम बढ़ जाता है।