बहरीन के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान के ड्रोन हमले से हुए नुकसान की मरम्मत का काम अब पूरी तरह खत्म हो गया है। Ministry of Interior ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि इलाके के लोग अब सुरक्षित तरीके से अपने घरों को वापस लौट आए हैं।
GPIC प्लांट में क्या हुआ था और कितना नुकसान हुआ?
यह पूरा मामला 5 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था जब ईरान के ड्रोन ने Gulf Petrochemical Industries Company (GPIC) पर सीधा हमला किया था। इस हमले की वजह से प्लांट की कई ऑपरेशनल यूनिट्स में आग लग गई थी। सबसे बड़ा खतरा तब पैदा हुआ जब एक ड्रोन अमोनिया टैंक के अंदर फंस गया। बहरीन सरकार ने इसे युद्ध अपराध माना है। अधिकारियों ने बताया कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती जाती, तो अमोनिया गैस लीक होने से कई किलोमीटर तक फैल सकती थी जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इसी दिन Bapco Energies के एक स्टोरेज टैंक में भी ड्रोन हमले की वजह से आग लगी थी जिसे बाद में काबू कर लिया गया।
लोगों को घर लौटने और मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए गए?
सुरक्षा कारणों से सरकार ने प्लांट के 2 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले नागरिकों को वहां से हटाने का फैसला किया था। इन लोगों के लिए रहने का वैकल्पिक इंतजाम किया गया था। 12 अप्रैल 2026 को मरम्मत के दूसरे फेज की शुरुआत हुई थी। अब 14 मई 2026 को Ministry of Interior ने ऐलान किया है कि सभी मरम्मत का काम और डैमेज कंट्रोल पूरा हो चुका है। अब सभी नागरिक अपने घरों को वापस जा रहे हैं। मंत्रालय ने इस मुश्किल समय में सहयोग करने के लिए स्थानीय निवासियों का धन्यवाद भी किया है।
इस हमले पर सऊदी अरब का क्या रुख था?
इस संकट के दौरान सऊदी अरब ने बहरीन का पूरा साथ दिया। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 3 मई और 9 मई 2026 को बयान जारी कर बहरीन के संप्रभु फैसलों का समर्थन किया। सऊदी ने कहा कि बहरीन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बचाने के लिए जो भी कदम उठाएगा, उसमें उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा। साथ ही उन्होंने बहरीन की सुरक्षा एजेंसियों के काम की तारीफ भी की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GPIC प्लांट पर हमला कब हुआ था और किसने किया था
यह हमला 5 अप्रैल 2026 को ईरान के ड्रोन द्वारा किया गया था, जिसमें प्लांट की कई यूनिट्स को निशाना बनाया गया था।
क्या इस हमले में कोई हताहत हुआ था
नहीं, आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था, हालांकि संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा था।
