बहरीन में काम करने वाले अफ्रीकी प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा क्योंकि उनके लिए एक खास हेल्पडेस्क शुरू किया जा रहा है। यह कदम उन मज़दूरों के लिए बहुत मददगार होगा जिनके देशों के दूतावास या काउंसलेट बहरीन में नहीं हैं।

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अफ्रीकी मज़दूरों के लिए हेल्पडेस्क क्यों शुरू हुआ

Migrant Workers Protection Society (MWPS) ने 5 मई 2026 को इस हेल्पडेस्क की घोषणा की। MWPS की चेयरपर्सन Mona Almoayyed ने बताया कि कई अफ्रीकी देशों के दूतावास बहरीन में नहीं हैं, जिसकी वजह से वहां के मज़दूरों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने में मुश्किल होती थी। अब यह हेल्पडेस्क उनके लिए एक पुल का काम करेगा। इसके ज़रिए मज़दूरों को कानूनी सहायता, देश वापस जाने के लिए कागज़ी कार्रवाई और बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

वेतन की समस्या और केस के आंकड़े

MWPS के जनरल सेक्रेटरी Madhavan Kallath ने जानकारी दी कि प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी चिंता वेतन का न मिलना है। कुल मामलों में से 80% केस केवल रुके हुए वेतन से जुड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में 42 नई शिकायतें आईं, जिनमें से 36 का निपटारा किया जा चुका है। इससे पहले 2024 में 39 और 2025 में 86 केस दर्ज किए गए थे। कई मज़दूर किराया, रहने का खर्च और इमिग्रेशन पेनल्टी भरने के लिए भी मदद मांग रहे थे।

किन देशों के मज़दूरों को मिलेगी प्राथमिकता

हाल के समय में Cameroon, Uganda, Nigeria और Kenya से आने वाले मज़दूरों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, इसलिए इन देशों के प्रवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा MWPS इस महीने ‘Pillars of Partnership’ नाम का अभियान भी शुरू करेगा। इस पहल के तहत मज़दूरों को राशन बांटा जाएगा और सोशल मीडिया के ज़रिए उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताया जाएगा, जैसे कि अपना पासपोर्ट अपने पास रखने का अधिकार।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में अफ्रीकी मज़दूरों के लिए हेल्पडेस्क कौन चला रहा है

यह हेल्पडेस्क बहरीन की सबसे पुरानी प्रवासी अधिकार संस्था Migrant Workers Protection Society (MWPS) द्वारा चलाया जा रहा है।

अफ्रीकी प्रवासियों की सबसे बड़ी समस्या क्या है

सबसे बड़ी समस्या वेतन का न मिलना है, जो कुल दर्ज मामलों का लगभग 80% हिस्सा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.