बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट ने एक खौफनाक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा दी है. इस शख्स ने अपनी ही पत्नी को मारने की साजिश रची और उस पर जानलेवा हमला किया. कोर्ट ने इस घटना को भरोसे के साथ बड़ा धोखा बताया क्योंकि एक पत्नी अपने पति को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानती है.

क्या थी पूरी घटना और कैसे बची जान?

यह मामला दिसंबर के महीने का है जब एक 44 साल के बहरीनी शख्स ने अपनी 43 साल की पत्नी को मारने की कोशिश की. आरोपी ने इस हमले की पूरी प्लानिंग पहले से कर रखी थी और अपनी कार में चाकू और ईंधन छिपाकर रखा था. हमले से एक दिन पहले उसने अपनी पत्नी को कार से कुचलने की कोशिश भी की थी.

  • बचाव: हमले के दौरान दंपति के 13 साल के बेटे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की.
  • मददगार: Sitra के Kharijiya इलाके के रहने वाले कुछ अनजान लोगों ने बीच-बचाव कर महिला की जान बचाई.
  • इलाज: महिला को गंभीर आंतरिक रक्तस्राव और फेफड़ों में चोटें आई थीं, जिसके लिए उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कर सर्जरी करानी पड़ी.

कोर्ट का फैसला और कानूनी कार्रवाई

हाई क्रिमिनल कोर्ट ने 13 मई 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा दी. कोर्ट ने पाया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिसमें घरेलू हिंसा, बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के मामले शामिल थे. यह कार्रवाई बहरीन पेनल कोड और घरेलू हिंसा कानून (Law No. 17 of 2015) के तहत की गई है.

कोर्ट ने पीड़ित महिला को BD 5,001 का अस्थायी मुआवजा देने का आदेश दिया है. इसके अलावा महिला को यह अधिकार दिया गया है कि वह आगे सिविल कोर्ट में हर्जाने के लिए अपील कर सकती है. बहरीन में घरेलू हिंसा को गंभीर अपराध माना जाता है और बार-बार अपराध करने वालों को सख्त सजा दी जाती है.

घरेलू हिंसा पीड़ितों के लिए सरकारी मदद

बहरीन में महिलाओं की सुरक्षा के लिए Supreme Council for Women (SCW) जैसी संस्थाएं काम कर रही हैं. यह संगठन घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को रहने के लिए शेल्टर होम, काउंसलिंग सेवाएं, कानूनी सहायता और पुनर्वास प्रोग्राम उपलब्ध कराता है ताकि पीड़ित महिलाएं सुरक्षित जीवन जी सकें.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कोर्ट ने आरोपी पति को कितनी सजा सुनाई है?

हाई क्रिमिनल कोर्ट ने 44 साल के आरोपी को सोची-समझी साजिश के तहत पत्नी की हत्या की कोशिश करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है.

पीड़ित महिला को मुआवजे के तौर पर कितनी राशि मिली?

अदालत ने पीड़ित महिला को BD 5,001 का अस्थायी मुआवजा दिया है और वह आगे सिविल कोर्ट में और अधिक हर्जाने की मांग कर सकती है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.