बहरीन की पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने एक कड़ा फैसला लेते हुए कई आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया है. इन लोगों पर बहरीन के खिलाफ होने वाली आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उनका महिमामंडन करने का आरोप है. सऊदी न्यूज 50 की रिपोर्ट के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद इन सभी को तुरंत सजा दिलाने के लिए मामले को ‘अर्जेंट ट्रायल’ (तत्काल सुनवाई) के लिए भेज दिया गया है. गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि सोशल मीडिया या पब्लिक में इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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आरोपियों पर क्या हैं मुख्य आरोप

अधिकारियों के अनुसार इन आरोपियों ने देश की शांति और सुरक्षा के खिलाफ काम किया है. इन सभी पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

बहरीन के कानून में आतंकवाद का समर्थन करना या उसे बढ़ावा देना एक बहुत ही गंभीर अपराध माना जाता है.

पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया या किसी भी अन्य डिजिटल मंच पर ऐसी गतिविधियों का प्रचार करना देश की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है.

अर्जेंट ट्रायल और कड़े नियम

बहरीन के कानूनों के तहत जब कोई मामला सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, तो उसे फास्ट-ट्रैक कोर्ट या अर्जेंट ट्रायल में भेजा जाता है.

इस मामले में भी पिछले 24 घंटों के भीतर जांच पूरी कर ली गई और अब आरोपियों पर तत्काल सुनवाई कर सजा तय की जाएगी.

सऊदी अरब और बहरीन के बीच सुरक्षा को लेकर लगातार अच्छा तालमेल बना हुआ है, जिससे रीजनल खतरों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है.

गल्फ में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को भी इससे सतर्क रहना चाहिए. उन्हें ऑनलाइन कोई भी ऐसी पोस्ट शेयर या प्रमोट करने से बचना चाहिए जो किसी भी देश की सुरक्षा के खिलाफ हो.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com