Bahrain में भारतीय महिला को एक साल की जेल, अनजाने में लगी थी फ्लैट में आग जिससे हुई थी रूममेट की मौत।

ब बहरीन की अदालत ने एक भारतीय प्रवासी महिला को एक साल की जेल की सजा सुनाई है। यह मामला अनजाने में लगी एक खतरनाक आग से जुड़ा है, जिसमें उसकी रूममेट की जान चली गई थी। हाई क्रिमिनल कोर्ट ने 11 अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया। इस घटना के बाद से वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर जब घरों में छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखा जाए तो कैसे बड़े हादसे हो जाते हैं।
अमवाज के अपार्टमेंट में क्या हुआ था
यह दर्दनाक घटना गत 30 मई की है जब अमवाज इलाके के एक अपार्टमेंट में अचानक आग भड़क उठी। सजा पाने वाली 23 साल की भारतीय महिला ने प्रार्थना के लिए एक मोमबत्ती जलाई थी और उसे जलता हुआ ही छोड़ दिया था। महिला ने अदालत में अपनी गलती मान ली है कि उसकी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। इमारत के एक सिक्योरिटी गार्ड ने सबसे पहले आग का अलार्म सुना और फ्लैट से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद उसने तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को फोन किया।
सिविल डिफेंस ने की थी रेस्क्यू की कोशिश
सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी महिला की रूममेट को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि गंभीर रूप से घायल रूममेट को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। बाद में डॉक्टरों की रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम से साफ हुआ कि मौत का कारण आग से निकला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी। अदालत की जांच में किसी भी तरह के हमले या मारपीट की बात पूरी तरह खारिज कर दी गई।
बहरीन पहुंचे अभी हुए थे पांच हफ्ते
जानकारी के मुताबिक यह भारतीय महिला बहरीन में काम की तलाश में आई थी और घटना से महज पांच हफ्ते पहले ही देश में उतरी थी। इतने कम समय में इस तरह की बड़ी ट्रेजेडी होने से वह गहरे सदमे में है। अदालत में 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। इस कानूनी प्रक्रिया के पूरे होने के साथ ही उस दुखद अध्याय का अंत हो गया है जिसने दो परिवारों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। गल्फ देशों में रहने वाले सभी भारतीयों के लिए यह एक बड़ा सबक है कि घरों में मोमबत्ती, दीया या गैस का इस्तेमाल करते वक्त बेहद सावधानी बरतनी चाहिए ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।