Bahrain Defence Force (BDF) ने ईरान की तरफ से हो रहे हमलों को लेकर ताजा जानकारी साझा की है। 7 अप्रैल 2026 को जारी बयान में सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अब तक 188 बैलिस्टिक मिसाइल और 477 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN चार्टर का उल्लंघन बताया गया है। बहरीन और कुवैत के कुछ इलाकों में इन हमलों का असर देखने को मिला है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर जरूरी जानकारी

बहरीन की सेना के अनुसार मार्च की शुरुआत से ही हमलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 9 मार्च को इंटरसेप्ट किए गए मिसाइलों की संख्या 95 थी, जो अप्रैल तक 188 तक पहुंच गई है। इसी तरह ड्रोन की संख्या भी 164 से बढ़कर 477 हो गई है। कुवैत में भी हाल ही में तेल सेक्टर और एयरपोर्ट के तेल डिपो पर ड्रोन की वजह से आग लगने की खबरें आई थीं। बहरीन ने साफ कहा है कि यह हमले आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए किए जा रहे हैं।

प्रवासियों और नागरिकों के लिए जारी नए नियम

सेना और सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइन्स जारी की हैं जिनका पालन करना जरूरी है।

  • सेना के किसी भी ऑपरेशन या जहां ड्रोन का मलबा गिरा हो, वहां की फोटो या वीडियो न बनाएं।
  • ऐसी किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचें।
  • प्रभावित या संदिग्ध इलाकों में जाने से परहेज करें।
  • किसी भी खबर की पुष्टि के लिए केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों का ही उपयोग करें।
  • बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

ईरान के इन हमलों के बीच बहरीन में रहने वाले प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सेना स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है और डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.