बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अब तक कुल 153 बैलिस्टिक मिसाइलों और 331 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। ये हमले ईरानी आक्रमण की शुरुआत से ही जारी हैं, जिनमें नागरिक इलाकों और निजी संपत्तियों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। बहरीन ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी बहरीन की संप्रभुता पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा माना है।

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बहरीन और अन्य खाड़ी देशों पर हुए हमलों का विवरण क्या है?

25 मार्च 2026 को जारी बयान के अनुसार, बहरीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों पर भी ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया है। इन हमलों के कारण जान-माल का नुकसान भी हुआ है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने चेतावनी सायरन बजाकर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। संयुक्त राष्ट्र में भी इस मामले पर चर्चा हुई है, जहां इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने वाला व्यवहार बताया गया है।

विवरण बहरीन का डेटा यूएई का डेटा
नष्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलें 153 357
नष्ट किए गए ड्रोन (UAVs) 331 1,815
हालिया ड्रोन हमले (25 मार्च) 9 ड्रोन
कुल मौतें (शहादत) 9 (3 सैनिक, 6 विदेशी)

आम जनता और प्रवासियों पर इन हमलों का क्या असर पड़ा है?

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। हमलों की खबरों के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई। सऊदी अरब ने भी एक मिसाइल और 31 ड्रोनों को मार गिराने की पुष्टि की है।

  • यूएई सशस्त्र बलों के साथ काम करने वाले एक मोरक्कन नागरिक की बहरीन में मौत हो गई है।
  • बहरीन और यूएई के कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, हालांकि ज्यादातर को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई है।
  • ब्रिटेन की मानवाधिकार दूत ने इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए ईरान से इन्हें तुरंत रोकने की मांग की है।
  • प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं।

भविष्य को लेकर अधिकारियों ने क्या चेतावनियां दी हैं?

ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में कोई गलती की गई तो वे तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं। वहीं, यूएई और बहरीन के अधिकारियों ने साफ किया है कि वे अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में इस मुद्दे पर एक जरूरी बहस बुलाई गई है क्योंकि इन हमलों में निर्दोष लोगों की जान जा रही है। खाड़ी देशों में बार-बार बजते सायरन और सुरक्षा अलर्ट ने वहां रहने वाले परिवारों के बीच चिंता बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन हर स्थिति से निपटने का भरोसा दे रहा है।