बहरीन में हाल ही में तनाव की स्थिति देखने को मिली है, जहां 21 और 22 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से हवाई हमले किए गए। बहरीन डिफेंस फोर्स ने इन हमलों को इंटरसेप्ट किया और इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाला एक सुनियोजित अभियान बताया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
हमलों का मुख्य निशाना
ईरान के सशस्त्र बलों ने जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि उन्होंने बहरीन में मौजूद Amazon Web Services (AWS) के ‘me-south-1’ क्लाउड क्षेत्र को निशाना बनाया। ईरान ने इसे अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की डिजिटल आंख बताया है। इसके अलावा, बहरीन में मौजूद अमेरिकी Sheikh Isa Air Base और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए। ये हमले ऑपरेशन Nasr-2 के तहत किए जाने का दावा किया गया है।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और नुकसान
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण कई देशों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। जॉर्डन की सेना ने ईरानी मिसाइलों को रोकने की बात कही है, जबकि कुवैत ने भी अपने क्षेत्र में ईरानी ड्रोन का मुकाबला किया है। अमेरिकी सेना ने इस संघर्ष में अपने सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि की है। संघर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिसमें शुक्रवार को जॉर्डन में हुए हमले में एक सैनिक की जान जाना भी शामिल है। बहरीन सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा माना है।
