Bahrain पर ईरान की तरफ से हुए ड्रोन हमलों ने एक बार फिर इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे मानवता के खिलाफ बताया है। यह जानकारी सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) की एक आधिकारिक रिपोर्ट में सामने आई है।
MWL के सेक्रेटरी जनरल और ऑर्गनाइजेशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के चेयरमैन शेख डॉ. मोहम्मद अल-इसा ने इस मामले पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि 27 जून 2026 की सुबह ईरान ने बहरीन की जमीन को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए। डॉ. अल-इसा ने कहा कि इस तरह के हमले धार्मिक मूल्यों, अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय नियमों के खिलाफ हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुँच रहा है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने बहरीन के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है। संगठन ने साफ किया कि वह बहरीन की संप्रभुता, सुरक्षा और वहां रहने वाले नागरिकों की जान बचाने के लिए उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन करता है।
बहरीन सरकार का कड़ा रुख
दूसरी तरफ, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी ईरान के इस ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया। बहरीन का कहना है कि जब पूरी दुनिया तनाव कम करने की कोशिश कर रही है, तब ईरान की ऐसी हरकतें शांति के प्रयासों को खत्म कर रही हैं।
बहरीन ने अपनी आपत्ति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और 17 जून को हुए ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (Islamabad MoU) का जिक्र किया। इस समझौते के तहत ईरान ने सैन्य अभियानों को पूरी तरह रोकने और दूसरे देशों की सीमाओं का सम्मान करने का वादा किया था, जिसे अब तोड़ दिया गया है।
जून महीने में हुए अन्य हमले
ईरान की ये हरकतें इस महीने में पहली बार नहीं हुई हैं। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने इससे पहले 6 जून, 10 जून और 11 जून 2026 को भी ईरान द्वारा बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर किए गए हमलों की निंदा की थी। शेख डॉ. मोहम्मद अल-इसा ने बार-बार हो रहे इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया था।
