बहरीन में ईरान की तरफ से ड्रोन हमले हुए हैं, जिसके बाद वहां की सरकार काफी सख्त रुख अपना रही है। बहरीन सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा, स्थिरता और संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी जरूरी कदम को उठाने का पूरा कानूनी अधिकार रखती है। इस हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
🗞️: Strait of Hormuz: ईरान ने टैंकर पर किया हमला, बहरीन में भी हुआ ड्रोन अटैक, तनाव बढ़ा।
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमले देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन हैं और यह वहां रहने वाले नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। सरकार ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत बहरीन को अपना बचाव करने का पूरा हक है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी तनातनी
इस पूरे विवाद की जड़ अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। उससे पहले 26 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तट पर हवाई हमले किए थे। अमेरिका का कहना था कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कार्गो जहाज पर हुए ईरानी ड्रोन हमले का जवाब थी।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने 27 जून 2026 को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा। वहीं, बहरीन ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते (Memorandum of Understanding) को तोड़ा है और शांति की कोशिशों को नाकाम करने का पूरा जिम्मेदार ईरान ही है।
आम जनता और व्यापार पर असर
- इन हमलों की वजह से खाड़ी देशों के समुद्री रास्तों और तेल ले जाने वाले टैंकरों के समय पर बुरा असर पड़ा है।
- क्रूड ऑयल की लोडिंग और जहाजों के शेड्यूल में गड़बड़ी हुई है, जिससे व्यापार प्रभावित हो सकता है।
- एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 से खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों में कई आम नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत किसी भी सदस्य देश को यह अधिकार है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह अपनी रक्षा के लिए कदम उठा सकता है। बहरीन इसी नियम के तहत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कह रहा है।
