बहरीन की हाई क्रिमिनल कोर्ट में 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है। इन लोगों पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर एक आतंकी संगठन बनाने का आरोप है। यह पूरा मामला बहरीन की सुरक्षा और शांति को खतरे में डालने की कोशिश से जुड़ा है।

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मुकदमे की पहली सुनवाई रविवार, 4 जुलाई 2026 को हुई। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने इस मामले को कोर्ट में पेश किया है। आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें बहरीन के कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों को खत्म करने की मांग करना शामिल है। साथ ही, उन पर सरकारी संस्थानों को काम करने से रोकने और देश की एकता को नुकसान पहुँचाने का आरोप है।

कोर्ट में यह बात सामने आई कि ये लोग ‘विलायत अल फकीह’ नाम की विचारधारा को फैला रहे थे। यह विचारधारा ईरान की क्रांति का हिस्सा है, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति वफादारी की बात करती है। आरोप है कि इन लोगों ने इबादतगाहों (मातम) का गलत इस्तेमाल किया ताकि लोगों को बहरीन सरकार के खिलाफ भड़काया जा सके।

जांच के दौरान यह पता चला कि इन लोगों ने IRGC से संपर्क किया और उनसे फंड इकट्ठा किया। इस पैसे का इस्तेमाल बहरीन के अंदर दंगे, हिंसा और तोड़फोड़ जैसी हरकतें करने के लिए किया जाना था।

  • कुल आरोपी: 19
  • हिरासत में: 11
  • फरार: 8

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सभी 19 आरोपियों ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों से इनकार किया है। बहरीन प्रशासन इस मामले को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मान रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.