Bahrain की सरकार ने एक बहुत बड़े जासूसी नेटवर्क को खत्म कर दिया है. यह गुप्त गिरोह ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़ा था. इस नेटवर्क के सदस्य चुपके से स्कूलों और किंडरगार्टन में घुस गए थे ताकि वहां बच्चों के दिमाग में कट्टरपंथी बातें भर सकें.
बहरीन में क्या हुआ और कितने लोग पकड़े गए?
Bahrain के Ministry of Interior ने शनिवार, 9 मई 2026 को एक बड़ी कामयाबी की जानकारी दी. सरकार ने एक ऐसे गुप्त संगठन का भंडाफोड़ किया है जो ईरान के IRGC से जुड़ा था और “वेलयात-ए-फ़क़ीह” की विचारधारा को मानता था. इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने संगठन के 41 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है.
जासूसी गिरोह किन जगहों पर घुसपैठ कर रहा था?
मंत्रालय ने बताया कि यह संगठन समाज में गलत सोच और कट्टरपंथ फैलाने के लिए कई अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था. उन्होंने खासतौर पर इन जगहों को निशाना बनाया:
- स्कूल और किंडरगार्टन
- धार्मिक मंच (पल्पिट)
- मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
- चैरिटी और सामाजिक संस्थाएं
सरकार ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
Ministry of Interior ने इस पूरी हरकत को देश की पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया है. सरकार के मुताबिक यह गिरोह बहरीन की संप्रभुता और देश के जरूरी हितों को नुकसान पहुँचाना चाहता था. अब सभी पकड़े गए लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां अभी भी फील्ड ऑपरेशन और जांच कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन में गिरफ्तार किए गए लोगों का ईरान से क्या संबंध है?
गिरफ्तार किए गए 41 लोग एक गुप्त संगठन का हिस्सा थे जो सीधे तौर पर ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़ा हुआ था और उसकी विचारधारा पर चलता था.
इस संगठन का मुख्य मकसद क्या था?
इस संगठन का मकसद स्कूलों, किंडरगार्टन और धार्मिक मंचों के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाकर बहरीन की सुरक्षा और संप्रभुता को कमजोर करना था.
