बहरीन और जॉर्डन ने अपनी दोस्ती को और मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों के बड़े नेताओं ने मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर बात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद एक-दूसरे की सुरक्षा का साथ देना और बाहरी खतरों से निपटना है।

Bahrain और Jordan की मीटिंग में किन बातों पर चर्चा हुई?

बहरीन के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Prince Salman bin Hamad Al Khalifa ने 11 और 12 मई 2026 को जॉर्डन के सीनेट अध्यक्ष Faisal Akef Al Fayez से मुलाकात की। इस बैठक में बहरीन ने जॉर्डन की संप्रभुता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपना पूरा समर्थन दिया। दोनों देशों ने अपने सरकारी और संसदीय कामकाज में बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया ताकि विकास को बढ़ावा मिले। जॉर्डन के सीनेट अध्यक्ष ने किंग Abdullah की तरफ से किंग Hamad को संदेश दिया और बहरीन के साथ अपने मजबूत रिश्तों पर खुशी जताई।

ईरान के हमलों और सुरक्षा को लेकर क्या फैसला लिया गया?

जॉर्डन ने बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की और बहरीन की सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन किया। बहरीन की शुरा काउंसिल के चेयरमैन Ali bin Saleh Al Saleh ने कहा कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे क्षेत्रीय शांति को खतरा है। सुरक्षा सहयोग को साबित करने के लिए जॉर्डन ने मार्च 2026 में अमेरिका-ईरान विवाद के दौरान बहरीन में अपने दंगा-रोधी सैनिक भेजे थे।

दोनों देशों के राजाओं और संसद का क्या कहना है?

बहरीन के किंग Hamad ने जॉर्डन के किंग Abdullah II की कोशिशों की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते बहुत पुराने और गहरे हैं। उन्होंने संसदीय सहयोग और अनुभव साझा करने को जरूरी बताया। वहीं बहरीन संसद के स्पीकर Ahmed bin Salman Al Musallam ने साफ किया कि दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों मिलकर काम करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन और जॉर्डन की हालिया मुलाकात कब हुई?

यह हाई-लेवल मुलाकात 11 और 12 मई 2026 को बहरीन के गुदैबिया पैलेस में हुई थी।

सुरक्षा के मामले में जॉर्डन ने बहरीन की मदद कैसे की?

जॉर्डन ने मार्च 2026 में अमेरिका-ईरान विवाद के दौरान बहरीन में अपने दंगा-रोधी सैनिकों की तैनाती की थी।