बहरीन के क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा ने जॉर्डन के सीनेट अध्यक्ष फैसल अकेफ अल-फायज से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच पुराने और मजबूत रिश्तों को और आगे ले जाना था। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

बहरीन और जॉर्डन की मुलाकात में किन बातों पर चर्चा हुई?

11 मई 2026 को गुदइबिया पैलेस में हुई इस मीटिंग में क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा ने जॉर्डन के साथ आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कार्यकारी और विधायी शाखाओं के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है। क्राउन प्रिंस ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला II के प्रयासों की सराहना की और बहरीन की सुरक्षा में जॉर्डन के निरंतर समर्थन के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। इसी दिन जॉर्डन के सीनेट अध्यक्ष का स्वागत बहरीन की शुरा काउंसिल के स्पीकर अली बिन सालेह अल सालेह ने किया था।

ईरान के हमलों और सुरक्षा पर क्या फैसला हुआ?

दोनों देशों ने ईरान की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों और हमलों के खिलाफ अपनी एकजुटता जाहिर की। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा कि वह बहरीन की संप्रभुता और स्थिरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जॉर्डन ने उन साजिशों की भी निंदा की जिन्हें बहरीन की सुरक्षा सेवाओं ने नाकाम किया था। साथ ही, दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला दिया, जिसमें अरब खाड़ी देशों और जॉर्डन पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की गई थी और उकसावे को रोकने की बात कही गई थी।

Strait of Hormuz और समुद्री रास्तों पर क्या चर्चा हुई?

बैठक के दौरान Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों के आने-जाने की आजादी को लेकर चिंता जताई गई। दोनों देशों ने माना कि इस समुद्री रास्ते में किसी भी तरह की बाधा पूरे क्षेत्र की शांति और व्यापार के लिए खतरा हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री नेविगेशन को सुरक्षित रखना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन और जॉर्डन के बीच हालिया मुलाकात कब और कहाँ हुई?

यह मुलाकात 11 मई 2026 को बहरीन के गुदइबिया पैलेस में हुई, जिसमें बहरीन के क्राउन प्रिंस और जॉर्डन के सीनेट अध्यक्ष ने हिस्सा लिया।

जॉर्डन ने बहरीन की सुरक्षा को लेकर क्या बयान दिया?

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने बहरीन की संप्रभुता और स्थिरता का पूर्ण समर्थन किया और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या हिंसा का विरोध करने की बात कही।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.