बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में कई महत्वपूर्ण फोन कॉल्स हुए हैं। इन बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में शांति लाना और ईरान के साथ रिश्तों को सुधारना रहा। इस चर्चा में गज़ा पट्टी के लिए एक खास शांति योजना पर भी बात की गई जो आने वाले समय में पूरे मिडिल ईस्ट के लिए अहम साबित हो सकती है।

ईरान और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा

11 जून 2026 को राजा हमद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की। इस कॉल में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते (Memorandum of Understanding) को लेकर चर्चा हुई। साथ ही दोनों नेताओं ने दुनिया और क्षेत्र में हो रही ताज़ा घटनाओं पर अपने विचार साझा किए।

इससे पहले 24 मई 2026 को एक बड़ी मीटिंग हुई जिसमें बहरीन के साथ-साथ सऊदी अरब, UAE, कतर, जॉर्डन, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेता भी शामिल थे। इस बातचीत में ईरान डील और राजनयिक कोशिशों पर ज़ोर दिया गया। राजा हमद ने कहा कि आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत तेज़ करनी होगी ताकि क्षेत्र में तरक्की और खुशहाली आ सके।

सुरक्षा और अमेरिका का समर्थन

मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने राजा हमद, UAE के राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री से बात की। ट्रंप ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और साफ कहा कि अमेरिका बहरीन की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खड़ा है। उन्होंने बहरीन के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने का भरोसा दिलाया।

गज़ा बोर्ड ऑफ पीस और शांति योजना

जनवरी 2026 में राजा हमद ने राष्ट्रपति ट्रंप के निमंत्रण पर “Gaza Board of Peace” में शामिल होने का फैसला किया। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना को पूरा करने के समर्थन में लिया गया है। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गज़ा में स्थिरता लाना और फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।

सफेद घर के अनुसार इस बोर्ड में ये प्रमुख लोग शामिल हैं:

  • मार्को रुबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री
  • स्टीव विटकॉफ: मिडिल ईस्ट के विशेष दूत
  • टोनी ब्लेयर: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री
  • जेरेड कुशनर: बोर्ड सदस्य