बहरीन और कुवैत में ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। बहरीन की कैबिनेट ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का बड़ा उल्लंघन बताया है। इस हमले में कुवैत के एयरपोर्ट पर काफी नुकसान हुआ और कई लोग घायल हुए हैं।
ईरान के हमलों में क्या नुकसान हुआ
2 और 3 जून 2026 की रात को ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर एक सुसाइड ड्रोन गिरा जिससे वहां अफरातफरी मच गई। कुवैत के विदेश मंत्रालय और सशस्त्र बलों की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 63 लोग घायल हुए।
बहरीन सरकार और अमेरिका का क्या कहना है
बहरीन के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस हमले की कड़ी निंदा की गई। सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि बहरीन की सुरक्षा और स्थिरता एक रेड लाइन है जिसे पार करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ US Central Command ने बताया कि ईरान ने कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं जिनमें से 6 को हवा में ही रोक दिया गया और सातवीं मिसाइल अपने निशाने तक नहीं पहुंच सकी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत एयरपोर्ट हमले में कितनी जान-माल की हानि हुई?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर ड्रोन हमले के कारण 1 व्यक्ति की मौत हुई और 63 लोग घायल हुए।
अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइलों को कैसे रोका?
US Central Command ने जानकारी दी कि ईरान द्वारा दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 6 को इंटरसेप्ट कर लिया गया था।
