खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 6 जून 2026 को ईरान ने बहरीन और कुवैत की तरफ 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद बहरीन और कुवैत दोनों देशों ने ईरान की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। सुरक्षा प्रणालियों ने मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया है। इस घटना के बाद दोनों देशों की सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

ईरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें क्यों दागीं?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि उसने कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US 5th Fleet) को निशाना बनाया। ईरान ने कहा कि यह हमला 5 जून को अमेरिका द्वारा ईरानी क्षेत्र में किए गए ड्रोन हमलों का बदला था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि दागी गई 7 मिसाइलों में से 6 को हवा में ही मार गिराया गया और एक मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी।

हमले के बाद बहरीन और कुवैत ने क्या कदम उठाए?

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को खुली आक्रामकता बताया है। बहरीन की सेना ने अपने वायु रक्षा तंत्र की मदद से 3 मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। राजधानी मनामा में हवाई हमले के सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई। वहीं कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की निंदा की और कहा कि देश को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने बहरीन और कुवैत पर कुल कितनी मिसाइलें दागीं?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने कुल 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से 6 को सुरक्षा प्रणालियों द्वारा हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

क्या इस मिसाइल हमले में किसी अमेरिकी ठिकाने को नुकसान पहुंचा है?

अमेरिकी सेना ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी अमेरिकी कर्मी सुरक्षित हैं।