बहरीन ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर दुनिया के बड़े देशों को एक साथ लाया है. खासकर Strait of Hormuz जैसे अहम रास्तों पर जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए बहरीन ने कड़े कदम उठाए हैं. इसका सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और सामान की कीमतों पर पड़ सकता है, इसलिए बहरीन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है.

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UN Security Council की मीटिंग में बहरीन ने क्या कहा?

27 अप्रैल 2026 को बहरीन ने UN Security Council की एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की. बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने चेतावनी दी कि अगर समुद्री रास्तों में रुकावट आई तो ग्लोबल ट्रेड को बहुत बड़ा नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में सुरक्षित नेविगेशन को तुरंत बहाल करना जरूरी है.

  • लगभग 100 देशों ने बहरीन के उस बयान का समर्थन किया जिसमें ईरान द्वारा समुद्री रास्तों को बंद करने की कोशिशों की निंदा की गई थी.
  • बहरीन ने जोर दिया कि समुद्री रास्तों का उपयोग राजनीतिक या आर्थिक हथियार की तरह नहीं किया जाना चाहिए.
  • इस बैठक में UN Secretary-General António Guterres और IMO के प्रमुख Arsenio Dominguez भी मौजूद थे.

इस विवाद पर अन्य देशों और संस्थाओं का क्या कहना है?

दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने बहरीन के इस प्रयास का साथ दिया है. इस मुद्दे पर अलग-अलग देशों के बड़े अधिकारियों ने अपनी राय रखी है:

  • IMO Secretary-General: उन्होंने साफ कहा कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी तरह की फीस लेना कानूनी रूप से गलत है.
  • United Kingdom: यूके के मंत्री Stephen Doughty ने कहा कि ईरान को पूरी दुनिया के व्यापार को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
  • France: फ्रांस के विदेश मंत्री Jean Noel Barrot ने इस संकट को सुलझाने के लिए ईरान से बड़े समझौतों की मांग की है.
  • Oman: बहरीन के राजा King Hamad bin Isa Al Khalifa ने ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq से फोन पर बात की और क्षेत्रीय शांति व समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की.

समुद्री सुरक्षा के लिए कौन सा कानून और प्रस्ताव अहम है?

बहरीन ने समुद्री कानूनों का पालन कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाया है. इस संबंध में कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • UN Resolution 2817: बहरीन ने GCC देशों और जॉर्डन की तरफ से यह प्रस्ताव तैयार किया, जिसे 136 देशों ने समर्थन दिया. यह प्रस्ताव ईरान द्वारा Strait of Hormuz या Bab Al-Mandab Strait में रास्ता रोकने की धमकियों की कड़ी निंदा करता है.
  • UNCLOS: बहरीन ने मांग की है कि सभी देश UNCLOS (समुद्री कानून) के नियमों का पूरी तरह पालन करें, क्योंकि यही वैश्विक शांति और व्यापार का आधार है.
  • कानूनी आधार: बहरीन का अपना समुद्री कानून 1982 के नियमों और IMO के स्टैंडर्ड्स पर आधारित है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.