बहरीन के Labour Market Regulatory Authority (LMRA) ने भर्ती एजेंसियों के लाइसेंस मिलने के तरीके में बड़े बदलाव किए हैं। अब लाइसेंस लेना पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज़ हो गया है। सरकार का लक्ष्य डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना है ताकि काम में पारदर्शिता रहे और एजेंसियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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लाइसेंस प्रक्रिया में हुए मुख्य बदलाव

LMRA ने लाइसेंस देने के सिस्टम को पूरी तरह अपडेट किया है। अब यह काम दो चरणों में पूरा होगा, जिसमें पहले शुरुआती मंजूरी मिलेगी और उसके बाद फाइनल लाइसेंस जारी किया जाएगा। इससे काम में स्पष्टता आएगी।

  • समय की बचत: लेबर सप्लाई एजेंसी के लाइसेंस मिलने का समय 20 कार्य दिवसों से घटाकर अब 15 कार्य दिवस कर दिया गया है।
  • कम कागजी कार्रवाई: लाइसेंस के लिए मांगे जाने वाले दस्तावेजों और मंजूरियों की संख्या में 25% की कमी की गई है।
  • आसान स्टेप्स: लेबर सप्लाई एजेंसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया को छोटा किया गया है, जो अब अधिकतम चार स्टेप्स में पूरी हो जाएगी।
  • एक जैसी जानकारी: सभी सरकारी चैनलों और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर दी जाने वाली जानकारी को अब एक समान कर दिया गया है।

डिजिटल सेवाओं पर जोर

इन बदलावों को लागू करने के लिए Ministry of Industry and Commerce के Sijilat सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जहाँ शुरुआती आवेदन जमा होंगे। LMRA के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सर्विसेज एंड बिजनेस) Ahmed Al Arabi ने बताया कि यह कदम सरकार के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इससे बहरीन के लेबर मार्केट की ताकत बढ़ेगी और यूज़र्स का अनुभव बेहतर होगा।

कैसे लिया गया यह फैसला

LMRA ने इन बदलावों के लिए ‘Tawasul’ (नेशनल सजेशन्स एंड कंप्लेंट सिस्टम), निवेशकों की राय और सरकारी सेवाओं की जांच करने वाले मिस्ट्री शॉपर्स की रिपोर्ट का सहारा लिया। इस पूरी कोशिश का मकसद आम लोगों और एजेंसियों के लिए सरकारी काम को सरल बनाना है।

जानकारी के लिए बता दें कि LMRA बहरीन की वह मुख्य संस्था है जो वर्क परमिट और भर्ती एजेंसियों के लाइसेंस जैसे कामों को रेगुलेट करती है। इसकी स्थापना 31 मई 2006 को किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा के कानून के तहत की गई थी।