Bahrain अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दुनिया के ताकतवर देशों के साथ हाथ मिला रहा है. हाल ही में ईरान की तरफ से हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद Bahrain ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ अपनी सैन्य साझेदारी को और गहरा किया है. अब देश की रक्षा और समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए नए और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

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Bahrain, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच क्या है C-SIPA समझौता?

C-SIPA एक बड़ा रणनीतिक समझौता है जिसे Bahrain ने अमेरिका के साथ 2023 में और ब्रिटेन के साथ जनवरी 2025 में साइन किया था. यह समझौता सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि तकनीक, व्यापार और नेटवर्क सुरक्षा जैसे कई जरूरी क्षेत्रों में मदद करता है.

  • मार्च 2026: ईरान के हमलों के बाद इस समझौते के आर्टिकल II का इस्तेमाल किया गया और बड़े स्तर पर सुरक्षा चर्चा हुई.
  • मई 2026: Sheikh Nasser bin Hamad Al-Khalifa ने ब्रिटेन के रक्षा सलाहकार Vice Admiral Edward Ahlgren से मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात की.
  • ब्रिटेन के साथ संबंध: ब्रिटेन ने गर्मियों 2025 में Bahrain के साथ एक नया Defence Cooperation Agreement भी साइन किया था.

ईरान के हमलों और सुरक्षा इंतजामों का क्या अपडेट है?

Bahrain की सेना ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को काफी मजबूत किया है ताकि दुश्मन के हमलों को समय रहते रोका जा सके. संयुक्त राष्ट्र (UN) में Bahrain के प्रतिनिधि Ambassador Jamal Fares Alrowaiei ने इस बारे में अहम जानकारी दी है.

  • ड्रोन और मिसाइल: Bahrain Defence Force ने अब तक 419 ड्रोन और 186 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया है.
  • UN प्रस्ताव: Bahrain अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ड्राफ्ट ला रहा है ताकि Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों की रक्षा के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल किया जा सके.
  • हमलों का असर: मार्च 2026 में ईरान के ड्रोन और मिसाइलों ने मनामा के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था.

फ्रांस और अमेरिका के साथ क्या सैन्य डील हुई हैं?

Bahrain ने केवल ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि फ्रांस और अमेरिका के साथ भी अपने रक्षा संबंधों को बेहतर बनाया है ताकि देश की सैन्य ताकत अपडेट रहे.

  • फ्रांस डील: फरवरी 2026 में Bahrain और फ्रांस के बीच एक द्विपक्षीय रक्षा समझौता हुआ, जिसमें सैन्य जानकारी और विशेषज्ञता साझा करने पर सहमति बनी.
  • अमेरिका से हथियार: अगस्त 2025 में अमेरिका ने Bahrain को 500 मिलियन डॉलर की कीमत वाले चार M142 Himars लॉन्चर बेचने की मंजूरी दी थी.
  • खास दर्जा: अमेरिका ने 2002 में ही Bahrain को Major Non-NATO Ally (MNNA) का दर्जा दिया था, जिससे उसे ट्रेनिंग और हथियारों की डिलीवरी में प्राथमिकता मिलती है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

C-SIPA समझौता क्या है और यह क्यों जरूरी है?

यह Bahrain, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीक को लेकर एक रणनीतिक समझौता है. इसका मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखना और आपसी रक्षा सहयोग बढ़ाना है.

Bahrain ने अब तक कितने ड्रोन और मिसाइल रोके हैं?

Bahrain Defence Force ने अब तक कुल 419 ड्रोन और 186 मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है.