Bahrain में रक्षा मामलों के मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल Abdulla Al Nuaimi और स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर Jalila Al Sayyed ने उन सैनिकों से मुलाकात की जो हाल ही में हुए ईरान के हमलों में घायल हुए थे। यह मुलाकात 27 मार्च 2026 को हुई, जहाँ मंत्रियों ने सैनिकों के इलाज की जानकारी ली और उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई। Bahrain Defence Force (BDF) ने साफ किया है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए उनकी एजेंसियां 24 घंटे अलर्ट पर हैं।

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हमलों में अब तक क्या नुकसान हुआ और कितने लोग हुए घायल?

28 फरवरी 2026 से बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। इन हमलों में अब तक एक मोरक्कन ठेकेदार की जान गई है और लगभग 40 लोग घायल हुए हैं। घायलों में बहरीन के सैनिकों के अलावा UAE के 5 जवान भी शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने बताया है कि ज़्यादातर सैनिकों को मामूली चोटें आई थीं, जिनमें से कई को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

तारीख घटना का विवरण
28 फरवरी 2026 ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की शुरुआत हुई
24 मार्च 2026 एक नागरिक की मौत और कई सैनिकों के घायल होने की पुष्टि हुई
26 मार्च 2026 मुहर्रक इलाके में ईरान के हमले के बाद आग पर काबू पाया गया
27 मार्च 2026 मंत्रियों ने अस्पताल जाकर घायल जवानों का हाल जाना

आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश जारी हुए?

सरकार ने जनता की सुरक्षा के लिए कुछ कड़े नियम और सलाह जारी की है ताकि किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके। खाड़ी में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए यह निर्देश समझना ज़रूरी है:

  • मिसाइल या ड्रोन के किसी भी टुकड़े या मलबे को छूने की कोशिश न करें।
  • ऐसी किसी भी चीज़ की जानकारी मिलते ही तुरंत 999 नंबर पर फोन करके सूचना दें।
  • मलबे या संवेदनशील ठिकानों की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर करना मना है।
  • देश में सुरक्षा कारणों से सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
  • अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमलों का विरोध और प्रतिक्रिया

बहरीन के विदेश मंत्री डॉक्टर Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया है। जॉर्डन और मलेशिया जैसे देशों ने भी बहरीन के साथ खड़े होने की बात कही है और ईरान के इन हमलों की निंदा की है। मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।