बहरीन की कोर्ट ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और हिंसा फैलाने वाले 10 नाबालिगों को सजा सुनाई है. इन बच्चों को 2 से 3 साल तक की जेल की सजा मिली है. कोर्ट ने इस मामले में माता-पिता की लापरवाही को बड़ी वजह माना है और सख्त रुख अपनाया है.

बच्चों को कितनी सजा मिली और कोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान Lower Children’s Restorative Justice Court ने 10 नाबालिगों को 2 से 3 साल की जेल की सजा सुनाई. इसके अलावा High Juvenile Reform Court ने 3 अन्य नाबालिगों को 3-3 साल की जेल दी है. Public Prosecution के मुताबिक, इन बच्चों ने ईरानी तनाव के समय का फायदा उठाकर ये अपराध किए. कोर्ट ने Rehabilitation and Correction Center को निर्देश दिया है कि वे 6 महीने के भीतर इन बच्चों के व्यवहार और सुधार पर रिपोर्ट सौंपें.

माता-पिता पर क्या होगा असर और क्या है नियम?

Family and Child Prosecution ने अदालत में बताया कि बच्चों की परवरिश में माता-पिता की देखरेख और गाइडेंस की कमी थी. बहरीन के कानून के मुताबिक, अगर बच्चे दोबारा ऐसा अपराध करते हैं, तो उनके माता-पिता या गार्जियन पर कड़ी कार्रवाई होगी. इसमें कम से कम 1 साल की जेल या 2,000 बहरीन दीनार तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि समाज की सुरक्षा के लिए परिवार की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है.

बड़ों और अन्य मामलों पर क्या कार्रवाई हुई?

5 मई 2026 को केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि 14 वयस्कों को भी हिंसा और दंगों के आरोप में सजा सुनाई गई. इन लोगों को 2 से 3 साल की जेल और जुर्माना देना होगा. ये सारी घटनाएं मार्च के महीने में हुई थीं. Capital Governorate Police Directorate ने सबूतों और गवाहों के आधार पर इन लोगों को गिरफ्तार किया था. सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में नाबालिगों को किस अपराध के लिए सजा मिली?

बहरीन में कुल 13 नाबालिगों को सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने के आरोप में सजा मिली है. कोर्ट ने इन्हें 2 से 3 साल की जेल सुनाई है.

क्या बच्चों की गलती के लिए माता-पिता को सजा मिल सकती है?

हाँ, बहरीन कानून के तहत अगर नाबालिग दोबारा अपराध करता है, तो माता-पिता या गार्जियन को 1 साल की जेल या 2,000 बहरीन दीनार तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.