बहरीन में ईरान के मिसाइल हमलों और उन्हें रोकने की कोशिशों के बीच एक बड़ा हादसा हुआ है. अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलों के लक्ष्य से चूकने के कारण उनके टुकड़े बहरीन के रिहायशी इलाकों में गिर गए हैं. इसके कारण Juffair, Muharraq और राजधानी Manama में घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस घटना के बाद पूरे बहरीन का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है जिससे गल्फ में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और यात्रियों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं.

रिहायशी इलाकों में क्या हुआ नुकसान

मिसाइलों के मलबे गिरने से आम जीवन काफी प्रभावित हुआ है. इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:

  • बहरीन के गृह मंत्री ने Juffair इलाके का दौरा किया जहां मिसाइल के टुकड़े गिरने से घरों को नुकसान हुआ है.
  • Muharraq में एक यूनिवर्सिटी की इमारत पर मलबा गिरने से तीन लोग घायल हो गए.
  • राजधानी Manama में भी सड़कों पर प्रोजेक्टाइल के टुकड़े गिरे जिससे कई दुकानों को नुकसान हुआ और एक आम नागरिक घायल हो गया.
  • लगातार हमलों के खतरे को देखते हुए बहरीन का एयरस्पेस सिविलियन विमानों के लिए बंद है. बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.

सेना की कार्रवाई और आम लोगों के लिए नए नियम

इस मुश्किल समय में प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं. आम लोगों के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है.

  • Bahrain Defense Force (BDF) ने अब तक 95 मिसाइल और 164 ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी है.
  • हमले और मलबे गिरने के कारण अब तक एक वर्कर की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं.
  • सरकार ने सभी निवासियों को घर के अंदर रहने का आदेश दिया है. बहुत जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने को कहा गया है.
  • मिलिट्री ऑपरेशन या मलबे वाली जगह का फोटो और वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है ताकि अफवाहें न फैलें.

अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलें क्यों चूकीं

तकनीकी खराबी के कारण अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने आम इलाकों को खतरे में डाल दिया.

  • MIT के एनालिस्ट Ted Postol के अनुसार कुछ अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलें अपने टारगेट को ट्रैक करने में फेल रहीं और घनी आबादी वाले इलाकों में जा गिरीं.
  • एक Patriot मिसाइल की कीमत करीब 4 मिलियन डॉलर होती है और एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के लिए कम से कम दो मिसाइलें दागी जाती हैं.
  • US Central Command के एडमिरल Brad Cooper ने ईरान द्वारा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.