बहरीन सरकार ने मुहरक सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण की प्रगति की समीक्षा की है। इस प्रोजेक्ट का मकसद मुहरक शहर की पुरानी पहचान को बचाते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है। अब तक इस काम का 73 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और यह प्रोजेक्ट अपने तय लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है।
डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के लिए बनी मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक में इस प्रोजेक्ट की ताजा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शहर की ऐतिहासिक और वास्तुशिल्प पहचान को बचाने के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा की।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति को देखें तो विज़िटर सेंटर का काम पूरा हो गया है और पारंपरिक डिजाइन वाला एक मॉडल घर भी तैयार कर दिया गया है। इसके अलावा, निवासियों और आने वाले मेहमानों के लिए 300 से ज्यादा पार्किंग जगह बनाई जा रही हैं और करीब 3.8 किलोमीटर लंबी आंतरिक सड़कों का काम अभी चल रहा है।
हाउसिंग और अर्बन प्लानिंग मिनिस्टर अमना अल रुमैही ने बताया कि पहले फेज में कुल 300 बहरीनी परिवारों को घर मिलेंगे। इन घरों के पहले बैच की डिलीवरी 2026 की पहली छमाही में होने की उम्मीद है और साल के अंत तक सभी घर तैयार हो जाएंगे। साथ ही, पर्लिंग पाथ के किनारे 16 पुरानी इमारतों की मरम्मत की जा रही है, जिन्हें पर्यटन और सांस्कृतिक कामों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
शहर को बेहतर बनाने के लिए इस योजना में कई और काम शामिल हैं:
- करीब 48 किलोमीटर लंबे पैदल रास्ते और आवाजाही के रूट बनाए जाएंगे।
- कुल 12,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 72 हरे-भरे इलाके विकसित किए जाएंगे।
- शहर में लगभग 1 लाख पेड़ लगाए जाएंगे।
- 5 मुख्य सड़कों का कायाकल्प होगा, जिसमें नई लाइटें और बैठने की जगह बनाई जाएगी।
यह पूरा प्रोजेक्ट किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा के आदेश और प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा के नेतृत्व में चल रहा है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट को साल 2019 में आर्किटेक्चर के लिए आगा खान अवार्ड से भी नवाजा गया था। भविष्य में दूसरे चरण के तहत प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर घरों की कुल संख्या को बढ़ाकर 2,000 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
