Bahrain में बड़ा फैसला, संयुक्त परिवारों के बिजली बिल का बोझ कम करने के लिए नया प्रस्ताव पेश.

बहरीन के मुहर्रक म्युनिसिपल काउंसिल ने संयुक्त परिवारों के लिए बिजली के बढ़ते बिलों से राहत दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। 12 अगस्त 2026 को कार्यवाहक चेयरमैन सालेह बुहजाआ की अध्यक्षता में हुई एक जरूरी आपातकालीन बैठक में यह नया प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तहत अब एक ही घर में रहने वाले अलग-अलग योग्य बहरीनी परिवारों के आधार पर बिजली सब्सिडी की सीमा तय की जाएगी, न कि पूरे मकान को सिर्फ एक सिंगल यूनिट मानकर बिल भेजा जाएगा।
मुहर्रक काउंसिल का नया बिजली सब्सिडी प्रस्ताव
इस नई योजना के लागू होने से उन नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा जो साझा मकानों में रहते हैं और ज्यादा बिजली बिल आने की वजह से परेशान थे। काउंसिल के इस नए प्रस्ताव के मुताबिक, अगर एक ही संपत्ति पर दो योग्य परिवार रहते हैं, तो उन्हें मौजूदा तय सीमा से दोगुना सब्सिडी का फायदा मिलेगा। इसी तरह अगर तीन परिवार रहते हैं, तो उन्हें तीन गुना सब्सिडी दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए अधिकारियों द्वारा पूरी जांच की जाएगी कि परिवार वहां सच में रहते हैं या नहीं और किसी को भी गलत तरीके से दोहरा फायदा न मिले, इसके लिए कड़े नियम भी बनाए जाएंगे।
मंत्रियों को भेजा जाएगा सिफारिश पत्र
मुहर्रक म्युनिसिपल काउंसिल की तरफ से यह सिफारिश अब म्युनिसिपैलिटीज अफेयर्स एंड एग्रीकल्चर मिनिस्टर वाएल अल मुबारका को भेजी जाएगी। इसके बाद इसे इलेक्ट्रिसिटी एंड वाटर अफेयर्स मिनिस्टर यासर हुमैदान के पास विचार के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यवाहक चेयरमैन सालेह बुहजाआ ने बताया कि इस कदम का मुख्य मकसद उन सभी योग्य बहरीनी परिवारों के अधिकारों की पहचान करना है जो मजबूरी या सहूलियत के चलते एक ही छत के नीचे रहते हैं। उन्होंने साफ किया कि इसका उद्देश्य किसी ऐसे व्यक्ति को फायदा पहुंचाना नहीं है जो इसके हकदार नहीं हैं।
क्या है बहरीन में वर्तमान बिजली की दरें
बहरीन में नागरिकों के पहले घर के लिए बिजली की खपत पर अलग-अलग स्लैब के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, पहले 3,000 किलोवाट-घंटे (kWh) तक की खपत पर 3 फिल्स प्रति kWh की दर से चार्ज किया जाता है। इसके बाद के 2,000 kWh (3,001 से 5,000) पर 9 फिल्स, फिर अगले 2,000 kWh (5,001 से 7,000) पर 16 फिल्स और 7,000 kWh से ज्यादा बिजली खर्च करने पर 32 फिल्स प्रति यूनिट की दर से पैसे लिए जाते हैं। एक ही मीटर होने के कारण जब कई परिवार मिलकर रहते हैं, तो बिजली की कुल खपत जल्दी ही महंगे स्लैब में पहुंच जाती है, जिससे लोगों को भारी-भरकम बिल चुकाने पड़ते हैं। काउंसिल के इस नए प्रयास से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।