Bahrain: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों में दहशत पैदा कर दी है। बहरीन सरकार ने पूरे देश में अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने को कहा है। इस दौरान कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजाए गए ताकि लोग अपनी जान बचा सकें।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को एयर-रेड सायरन चालू किए। मंत्रालय ने नागरिकों और रहने वाले प्रवासियों से शांत रहने और तुरंत नजदीकी सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की। खबर है कि द्वीप राष्ट्र में कम से कम दो बार सायरन बजा, जबकि कुछ जगहों पर 8 जुलाई को भी अलर्ट जारी किया गया था।
यह पूरा मामला ईरान द्वारा अमेरिका को दिए गए “कड़े जवाब” के बाद शुरू हुआ। ईरान ने अमेरिका के हवाई हमलों के बदले मिसाइल और ड्रोन से हमले करने की धमकी दी थी। इस तनाव को देखते हुए बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने 9 जुलाई को अपना कार्यालय देर से खोला। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी कि सायरन बजने या धमाकों की आवाज आने पर वे तुरंत इमारत के सबसे निचले हिस्से में चले जाएं जहाँ बाहरी दीवारें कम हों।
सिर्फ बहरीन ही नहीं, बल्कि कुवैत और कतर में भी हालात तनावपूर्ण रहे। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, जिससे कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। वहीं, कतर के आंतरिक मंत्रालय ने भी हाई-सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर लोगों को घरों के अंदर रहने को कहा था, हालांकि बाद में खतरा टलने की खबर आई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ अंतरिम युद्धविराम अब खत्म हो गया है। अमेरिका के सेंटकॉम (CENTCOM) ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्र और मिसाइल व ड्रोन स्टोरेज शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर ईरान के हमलों का बदला है।
जवाबी कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत के कैंप आरिफजन और अली अल सलेम एयर बेस के साथ-साथ बहरीन के जुफैर नेवल फैसिलिटी और शेख ईसा एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। जुफैर नेवल फैसिलिटी में अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट का मुख्यालय है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में ईरान के कम से कम 14 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए।
