बहरीन सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कर्ज कम करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय और टैक्स पैकेज पेश किया है। इस नए प्लान का मकसद तेल पर निर्भरता कम करना और कमाई के नए जरिए ढूंढना है। इन बदलावों का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों, कंपनियों और आम नागरिकों की जेब पर पड़ेगा।
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टैक्स और फीस में बड़े बदलाव
सरकार ने गैर-तेल राजस्व बढ़ाने के लिए कई नए शुल्क और टैक्स लागू किए हैं। इसमें बिजली, पानी और विदेशी कर्मचारियों से जुड़ी फीस में बढ़ोतरी शामिल है। नीचे दी गई टेबल में सभी मुख्य बदलावों की जानकारी दी गई है:
| शुल्क/टैक्स | क्या बदलाव हुआ | कब से लागू होगा |
|---|---|---|
| बिजली और पानी | टैरिफ की दरों में बढ़ोतरी होगी | लागू |
| वेस्टवाटर फीस | 20% नया शुल्क लगाया गया | जनवरी 2026 |
| खाली जमीन | 100 फिल्स प्रति वर्ग मीटर का मासिक शुल्क | जनवरी 2027 |
| लोकल कंपनियां | 2 लाख दीनार से ज्यादा मुनाफे पर 10% टैक्स | जनवरी 2027 |
| विदेशी कर्मचारी | फीस और हेल्थ इंश्योरेंस के दाम बढ़ेंगे | अगले 4 साल में |
| कोल्ड ड्रिंक्स | टैक्स में बढ़ोतरी की गई | लागू |
| ईंधन (Fuel) | कीमतें अब ग्लोबल मार्केट के हिसाब से बदलेंगी | लागू |
निवेश और वीजा के नए मौके
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहरीन ने 2025-2026 का रिकवरी प्लान बनाया है। इसके तहत विदेशी निवेशकों और स्किल्ड प्रोफेशनल्स को आकर्षित करने के लिए ‘Bahrain Golden Residency Visa’ शुरू किया गया है। इससे अब निवेशक बहरीन में स्थायी निवास पा सकेंगे, जिससे वहां बिजनेस करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को फायदा होगा।
मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार
बहरीन अपने ‘विज़न 2030’ के तहत बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च कर रहा है। सरकार ने 1.1 बिलियन डॉलर की लागत से एयरपोर्ट का विस्तार पूरा कर लिया है। इसके अलावा, 2 बिलियन डॉलर की लागत से मेट्रो नेटवर्क बनाया जा रहा है, जिसकी दो लाइनें 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
बजट और सामाजिक सहायता
अप्रैल 2026 में पेश किए गए नए बजट में सामाजिक विकास पर जोर दिया गया है। सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही, आवास परियोजनाओं के लिए 800 मिलियन दीनार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 688 मिलियन दीनार का प्रावधान किया गया है।
चुनौतियां और कर्ज का दबाव
इन सुधारों के बावजूद बहरीन के सामने कर्ज की बड़ी चुनौती है। दिसंबर 2025 तक देश का सार्वजनिक कर्ज लगभग 50 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने सरकार को सलाह दी है कि वित्तीय स्थिरता के लिए टैक्स सुधार और सब्सिडी में कटौती जरूरी है।
