बहरीन और पाकिस्तान के बीच कैदियों की अदला-बदली को लेकर एक अहम समझौता हुआ है। अब बहरीन की जेलों में बंद पाकिस्तानी नागरिक अपनी सजा अपने देश में पूरी कर सकेंगे। बहरीन की संसद ने 27 अप्रैल 2026 को इस कानून को अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे अब कैदियों को अपने परिवार के करीब रहने का मौका मिलेगा।
कैदियों के तबादले के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
- कैदी या उसके कानूनी प्रतिनिधि को तबादले के लिए अनुरोध करना होगा।
- अदालत का फैसला आखिरी होना चाहिए और कैदी की अपनी मर्जी होनी चाहिए।
- बहरीन और पाकिस्तान दोनों देशों की सरकार को इस तबादले पर मंजूरी देनी होगी।
- तबादला होने वाला व्यक्ति उस देश का नागरिक होना चाहिए जहाँ उसे भेजा जा रहा है।
- सजा पूरी होने में कम से कम छह महीने का समय बचा होना चाहिए, हालांकि उम्रकैद के मामलों में अलग नियम हो सकते हैं।
- जिस अपराध के लिए सजा मिली है, वह अपराध बहरीन और पाकिस्तान दोनों देशों के कानून में अपराध माना जाना चाहिए।
इस समझौते की प्रक्रिया और सरकारी अधिकारियों की राय
यह पूरा समझौता 22 आर्टिकल्स में बंटा हुआ है। अब यह कानून आगे की समीक्षा के लिए Shura Council के पास जाएगा। नियमों के मुताबिक, जिस देश में कैदी वापस जाएगा, उसी देश को तबादले का ज्यादातर खर्चा उठाना होगा।
बहरीन के विदेश मामलों, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के चेयरमैन Hassan Bukhammas ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय सहयोग और न्याय के संतुलन को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। वहीं, Justice, Islamic Affairs and Endowments Ministry ने साफ किया कि इस समझौते से बहरीन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। संसद सदस्य Mohammed Al Ahmed ने कहा कि बहरीन में रहने वाले एशियाई समुदायों के लिए इस तरह के समझौते बहुत जरूरी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कैदियों के तबादले का अनुरोध कौन कर सकता है?
तबादले के लिए अनुरोध खुद वह कैदी या उसका कानूनी प्रतिनिधि कर सकता है।
तबादले का खर्च कौन उठाएगा?
समझौते के अनुसार, जिस देश में कैदी को वापस भेजा जाएगा, वही देश तबादले से जुड़े ज्यादातर खर्चों का भुगतान करेगा।