बहरीन की National Institution for Human Rights (NIHR) ने ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों से होने वाले नुकसान को दर्ज करने के लिए एक विशेष डेटाबेस बनाने का प्रस्ताव रखा है। 20 जुलाई 2026 को जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम के जरिए हमलों से जुड़ी कानूनी और भौतिक सबूतों को सुरक्षित रखा जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन हमलों में हुए नुकसान का सटीक हिसाब रखना है ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी भरपाई की जा सके।
हमलों का सिलसिला और सुरक्षा
हाल ही में ईरान द्वारा कई तरह के हमले किए गए हैं, जिसमें 21 जुलाई 2026 को IRGC ने Bahrain में अमेज़न के डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का दावा किया था। इसी दिन अमेरिका द्वारा संचालित Sheikh Isa Air Base पर भी ड्रोन हमले किए गए। हालांकि, बहरीन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हवाई हमलों को हवा में ही रोक दिया। Bahrain Defence Force का कहना है कि ईरान जानबूझकर नागरिकों और निजी संपत्ति को निशाना बना रहा है। वहीं, Civil Aviation Affairs ने बताया कि कुछ ड्रोन ने हवाई नेविगेशन उपकरणों को प्रभावित करने की कोशिश की थी, लेकिन संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।
मुआवजे के लिए विशेष फंड
इस प्रस्ताव में एक National Reparation and Compensation Fund बनाने की भी सिफारिश की गई है। इस फंड की शुरुआत सरकारी बजट से की जाएगी, लेकिन बाद में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों या अंतरराष्ट्रीय मुआवजे से पैसा वसूलने की योजना है। बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif Al Zayani ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए संयुक्त राष्ट्र में भी शिकायत दर्ज कराई है। यह डेटाबेस उन सभी लोगों के लिए है जिनका नुकसान हुआ है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उचित मुआवजा दिलाया जा सके।
