बहरीन में 24 जुलाई 2026 की रात ‘बहरीन प्रिजनर डे’ के मौके पर देश भर में विरोध प्रदर्शन देखे गए। इन प्रदर्शनों में लोग सड़कों पर उतरे और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जेलों में बंद लोगों का समर्थन किया और देश में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का कड़ा विरोध जताया।

ℹ: यमन में फिर गरजीं बंदूकें, Red Sea में तनाव के बीच सऊदी गठबंधन ने हुथी ठिकानों पर किया हमला

तनावपूर्ण माहौल और सुरक्षा पर सवाल

बहरीन की सरकार ने हाल के समय में शिया समुदाय के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं। 14 जुलाई को तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, जबकि मई की शुरुआत में 41 नागरिकों को जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 30 शिया मौलवी भी शामिल हैं। इसके अलावा कई सांसदों को सरकार की आलोचना करने पर उनके पदों से हटा दिया गया है और कई लोगों की नागरिकता भी रद्द कर दी गई है। मानवाधिकार संगठनों ने इन फैसलों पर चिंता जताई है।

ड्रोन हमले और क्षेत्रीय हालात

विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ इस क्षेत्र में तनाव भी काफी बढ़ गया है। खबरों के अनुसार, ईरान ने बहरीन के Isa Air Base के साथ-साथ कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश में हवाई हमले के सायरन बजे थे। बहरीन और कुवैत प्रशासन ने बताया कि उन्होंने ईरान की ओर से आए कई ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्थिति को देखते हुए ईरान पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबबादी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो देश अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को हमले के लिए करने देंगे, उन्हें भी आक्रामक माना जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.