Bahrain में इस समय तनाव का माहौल है और सरकार ने देश की सुरक्षा को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। ईरान की तरफ से हो रही हरकतों और हमलों के बाद बहरीन ने अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। किंग हमद ने उन लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है जो देश के खिलाफ काम कर रहे थे।
👉: US ने दी मंजूरी, इजराइल, कतर, कुवैत और UAE को मिलेंगे 8.6 बिलियन डॉलर के हथियार, देखें पूरी लिस्ट।
नागरिकता छीने जाने का क्या है पूरा मामला?
किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने उन लोगों की नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया है जिन पर ईरान के हमलों का समर्थन करने का आरोप है। यह कार्रवाई बहरीन नागरिकता कानून के Article 10/3 के तहत की गई है। इस नियम के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति देश के हितों को नुकसान पहुँचाता है या अपनी वफादारी तोड़ता है तो उसकी नागरिकता छीनी जा सकती है। इससे पहले भी सरकार 69 लोगों की नागरिकता रद्द कर चुकी थी। किंग हमद ने साफ शब्दों में कहा कि नागरिकता एक पवित्र वादा है और जो लोग देश के साथ गद्दारी करेंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
किन देशों ने Bahrain का साथ दिया?
- Jordan: क्राउन प्रिंस Prince Salman bin Hamad Al Khalifa ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला से मुलाकात की और ईरान की आक्रामकता के खिलाफ जॉर्डन के समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया।
- UAE: बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पुराने और मजबूत रिश्तों को दोहराते हुए आपसी एकजुटता जताई गई।
- अन्य देश: पाकिस्तान, इराक, साइप्रस और फिलिस्तीन के नेताओं ने भी ईरान के हमलों के बाद बहरीन के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया है।
सरकारी अधिकारियों और मंत्रालयों का क्या कहना है?
Bahrain के Interior Ministry ने पुष्टि की है कि विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचने वालों और ईरान के समर्थन में बोलने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्री Dr Abdullatif Al Zayani ने कहा कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सीधा उल्लंघन हैं। वहीं संसद स्पीकर Ahmed Al Musallam ने भी राष्ट्रीय वफादारी को लेकर किंग के फैसले का पूरा समर्थन किया है। बहरीन सरकार का कहना है कि देश की मजबूती जनता की एकता और नेतृत्व के प्रति वफादारी में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन सरकार ने लोगों की नागरिकता क्यों छीनी?
ईरान के हमलों का समर्थन करने और बहरीन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचाने के आरोप में नागरिकता कानून के आर्टिकल 10/3 के तहत यह कदम उठाया गया।
ईरान के मुद्दे पर बहरीन का साथ कौन दे रहा है?
जॉर्डन, UAE, पाकिस्तान, इराक, साइप्रस और फिलिस्तीन जैसे देशों ने बहरीन के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है।