बहरीन में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार होकर बिस्तर पर पड़ी भारतीय प्रवासी महिला को सुरक्षित भारत वापस भेज दिया गया है। आंध्र प्रदेश की रहने वाली 54 वर्षीय सुब्बा लक्षुम्मा को 21 मई 2026 को बहरीन से चेन्नई के लिए रवाना किया गया। इस मानवीय कार्य को सफल बनाने के लिए कई सामाजिक संस्थाओं, बहरीन में भारतीय दूतावास और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर प्रयास किया।

सड़क हादसे के बाद कैसी हो गई थी सुब्बा लक्षुम्मा की हालत?

सुब्बा लक्षुम्मा के साथ पिछले साल 14 अक्टूबर 2025 को बहरीन में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई थी। इस हादसे के बाद उन्हें कथित तौर पर स्ट्रोक आया, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई। वे पूरी तरह से बिस्तर पर आ गईं और उनका दिमागी संतुलन भी प्रभावित हो गया। वे किसी भी बात का जवाब देने, बातचीत करने या बिना सहारे बैठने में पूरी तरह असमर्थ थीं। उनका इलाज सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स और मुहर्रक जेरियाट्रिक अस्पताल में चल रहा था, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज पूरा होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज करने की सलाह दी थी।

प्रायोजक के मना करने के बाद सामाजिक संस्थाओं ने उठाया कदम

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनके सुरक्षित प्रवासन में कई बाधाएं आईं। उनके प्रायोजक (स्पॉन्सर) ने वित्तीय तंगी और हादसे से जुड़े कानूनी मामलों का हवाला देते हुए उनकी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया था। ऐसे में प्रवासी लीगल सेल (PLC) के बहरीन चैप्टर के अध्यक्ष और वैश्विक पीआरओ सुधीर थिरुनिलाथ, भारतीय दूतावास और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मामले को संभाला। सुब्बा लक्षुम्मा को व्हीलचेयर सहायता के साथ विमान से भारत भेजा गया, और उनके साथ देखभालकर्ता के रूप में ओर्सु नागराजू भी भारत आए।

भारत वापसी के बाद अब कहाँ होगी उनकी देखभाल?

चेन्नई पहुंचने के बाद सुब्बा लक्षुम्मा को आगे की देखभाल के लिए आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में भेजा गया है। वहां येद्दुल पेद्द् शेसम्मा फाउंडेशन के वृद्धाश्रम ने उनकी लंबे समय तक देखभाल करने की जिम्मेदारी ली है। इस फाउंडेशन के अध्यक्ष येद्दुल नागेंद्र ने उनकी रहने और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस पूरे मामले में बहरीन के विदेश मंत्रालय और कानूनी प्रक्रियाओं का भी ध्यान रखा गया, जिससे एक जरूरतमंद भारतीय नागरिक को समय पर सहायता मिल सकी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बहरीन में हादसे का शिकार हुई सुब्बा लक्षुम्मा कहाँ की रहने वाली हैं?

सुब्बा लक्षुम्मा भारत के आंध्र प्रदेश राज्य की रहने वाली हैं, जिनकी उम्र 54 वर्ष है।

हादसे के बाद उनकी देखभाल के लिए बहरीन में किस अस्पताल में इलाज चल रहा था?

उनका इलाज बहरीन के सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स और मुहर्रक जेरियाट्रिक अस्पताल में चल रहा था।

भारत लौटने के बाद अब वे कहाँ रहेंगी?

भारत लौटने के बाद उन्हें आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में स्थित येद्दुल पेद्द् शेसम्मा फाउंडेशन के वृद्धाश्रम में रखा गया है, जहाँ उनकी पूरी देखभाल की जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.