बहरीन की सुरक्षा को लेकर बड़ा अपडेट आया है. बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है और सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ड्रोन हमलों के बीच बहरीन ने दुनिया को अपनी स्थिरता का संदेश दिया है. इस मामले में अब संयुक्त राष्ट्र (UN) तक बात पहुँच गई है.
बहरीन की सेना हाई अलर्ट पर क्यों है और क्या है ताजा मामला
बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने एलान किया कि उसकी सभी यूनिट्स इस समय पूरी तरह तैयार हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध वस्तु से दूर रहें. यह कदम तब उठाया गया जब 17 मई 2026 को UAE के बरकाका न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास ड्रोन हमला हुआ. इस घटना के बाद बहरीन की मांग पर UN सुरक्षा परिषद की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई.
- UN की प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परमाणु केंद्रों पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
- UAE की स्थिति: UAE ने पिछले 48 घंटों में 6 और हमलावर ड्रोन पकड़ने की बात कही है.
- ईरान का नया नियम: ईरान ने ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) शुरू की है और कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना अनुमति गुजरना गैरकानूनी होगा.
खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स का बहरीन को समर्थन
बहरीन की सुरक्षा को लेकर खाड़ी देशों ने एकजुटता दिखाई है. कुवैत के क्राउन प्रिंस और गृह मंत्री ने बहरीन के सुरक्षा उपायों का पूरा समर्थन किया. जेद्दा में एक बयान जारी कर कहा गया कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक है और एक पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा. बहरीन 2026-2027 के लिए UN सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य भी बना है.
- GCC का स्टैंड: गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने बहरीन की संप्रभुता की रक्षा करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की बात कही है.
- C-SIPA समझौता: बहरीन, ब्रिटेन और अमेरिका ने मिलकर एक सुरक्षा समझौता (C-SIPA) किया है ताकि बाहरी आक्रमण का डटकर सामना किया जा सके.
- अमेरिकी बयान: अमेरिका के UN राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने ईरान द्वारा नागरिकों पर किए गए हमलों की निंदा की.
Frequently Asked Questions (FAQs)
बहरीन ने UN सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग की मांग क्यों की
बहरीन ने UAE के बरकाका न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए ड्रोन हमले के बाद मध्य पूर्व की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए इमरजेंसी मीटिंग की मांग की थी.
C-SIPA समझौता क्या है
यह बहरीन, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच एक डिफेंस समझौता है, जिसका मकसद बाहरी आक्रमणों को रोकना और सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है.
