बहरीन में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच देश की सुरक्षा व्यवस्था ने सबको हैरान कर दिया है। शुरा काउंसिल के चेयरमैन ने देश की रक्षा करने वाले जवानों की जमकर तारीफ की है। सुरक्षा बलों ने समय रहते हमलों को नाकाम कर नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों की जान बचाई है।
सुरक्षा बलों की वीरता और सरकार का रुख
12 जून 2026 को शुरा काउंसिल के चेयरमैन Ali Saleh Al Saleh ने Bahrain Defence Force (BDF), नेशनल गार्ड और इंटीरियर मिनिस्ट्री के जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बलों ने ईरान के हमलों का डटकर मुकाबला किया और देश की स्थिरता को बनाए रखा। यह सब किंग हमद और क्राउन प्रिंस प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा के नेतृत्व में संभव हुआ। अल सलेह ने ईरान द्वारा बहरीन, GCC देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की।
ईरान की हरकतें और अंतरराष्ट्रीय दबाव
ईरान के IRGC ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के बेस को निशाना बनाने का दावा किया था। बहरीन सरकार और विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा मिसाइलों और ड्रोन से नहीं बनती। बहरीन ने ईरान से मांग की है कि वह तुरंत हमले रोके और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी रोक-टोक के सबके लिए खोले।
इस मामले में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी दखल दिया। सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2817 (2026) पास किया गया, जिसमें ईरान की हरकतों की निंदा की गई। इस प्रस्ताव को दुनिया के 136 सदस्य देशों ने अपना समर्थन दिया है।
हमलों और बचाव का घटनाक्रम
- 12 जून 2026: शुरा काउंसिल ने देश की रक्षा करने वाले जवानों के प्रयासों की तारीफ की।
- 11 जून 2026: ईरान के हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम करने की पुष्टि हुई।
- 6 जून 2026: बहरीन और कुवैत पर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया गया।
- 3 अप्रैल 2026: बहरीन सरकार ने ईरान के हमलों के जवाब में सुरक्षा इंतजाम कड़े किए।
- 28 फरवरी 2026: कई गल्फ देशों पर हुए मिसाइल हमलों की निंदा की गई और एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ हुई।