बहरीन की सुरक्षा को लेकर गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने एक बड़ा बयान दिया है। GCC ने साफ किया कि बहरीन की सुरक्षा और स्थिरता पूरे गल्फ देशों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। यह खबर ऐसे समय आई है जब किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने ईरान से बहरीन और अन्य गल्फ देशों के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करने की मांग की है।
GCC देशों ने Bahrain की सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
GCC ने 2 मई 2026 को यह बात दोहराई कि बहरीन की सुरक्षा पूरे समूह की स्थिरता का हिस्सा है। इससे पहले 3 दिसंबर 2025 को GCC सुप्रीम काउंसिल की 46वीं बैठक में यह तय हुआ था कि GCC सदस्य देशों की सुरक्षा को अलग नहीं किया जा सकता। काउंसिल ने साफ तौर पर कहा था कि किसी भी एक सदस्य देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा। यह फैसला GCC चार्टर और जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत लिया गया था।
ईरान की दखलंदाजी और बहरीन का कड़ा रुख
बहरीन के किंग हमद ने ईरान द्वारा की गई हरकतों को घोर आक्रमण बताया और इसे बहरीन के लोगों की सुरक्षा के खिलाफ माना। बहरीन के आंतरिक मंत्री जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने कहा कि बहरीन की संप्रभुता और स्थिरता से कोई समझौता नहीं होगा। इसी बीच बहरीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के विदेश मंत्रालय के बयानों को खारिज कर दिया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए किन देशों के साथ बढ़ी साझेदारी?
बहरीन अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम के साथ मिलकर काम कर रहा है। मार्च 2026 में C-SIPA समझौते के तहत इन देशों के साथ खास बातचीत हुई ताकि ईरान की आक्रामकता से निपटा जा सके। इसके अलावा अप्रैल 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी बहरीन की अध्यक्षता में एक ब्रीफिंग की थी। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में बहरीन सहित सभी छह GCC देशों पर ईरान ने हमले किए थे, जिसमें बहरीन ने 194 मिसाइल और 523 ड्रोन को हवा में ही रोका था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC का बहरीन की सुरक्षा पर क्या स्टैंड है?
GCC का मानना है कि बहरीन की सुरक्षा पूरे गल्फ क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है और किसी भी एक सदस्य देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा।
बहरीन ने ईरान के खिलाफ क्या कड़ा रुख अपनाया है?
किंग हमद ने ईरान से आंतरिक मामलों में दखल बंद करने को कहा है और बहरीन की संप्रभुता को गैर-परक्राम्य बताया है।