बहरीन सरकार अब अपने पुराने और ऐतिहासिक गांवों को दुनिया के नक्शे पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कई ऐतिहासिक स्थलों को UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस कदम का मुख्य मकसद देश की पुरानी बनावट और संस्कृति को सुरक्षित रखना है ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे देख सकें।

मुहर्रक के गांवों पर खास ध्यान

मुहर्रक म्युनिसिपल काउंसिल ने 2 जुलाई 2026 को सर्वसम्मति से Dair और Samaheej गांवों को यूनेस्को की मान्यता दिलाने का समर्थन किया। काउंसिल के सदस्य फादेल अल औद ने बताया कि इन गांवों का एक खास आध्यात्मिक इतिहास रहा है, खासकर यहां की ईसाई विरासत और अलग-अलग धर्मों के लोगों के मिलजुलकर रहने की परंपरा दुनिया के लिए मिसाल है।

Bahrain Authority for Culture and Antiquities (BACA) ने भी इन जगहों को टूरिस्ट सेंटर बनाने की योजना बनाई है। BACA के प्रेसिडेंट शेख खलीफा बिन अहमद अल खलीफा ने कहा कि ये खोजें इस बात का सबूत हैं कि बहरीन हमेशा से अलग-अलग सभ्यताओं और धर्मों के मिलन का केंद्र रहा है।

उत्तरी प्रांत में पुराने घरों का होगा कायाकल्प

उत्तरी म्युनिसिपल काउंसिल ने भी 9 जनवरी 2024 को एक बड़ा फैसला लिया। काउंसिल की वाइस-चेयरवुमन ज़ैना जासिम के प्रस्ताव पर उत्तरी प्रांत के कई गांवों में पुराने पारंपरिक घरों को बचाने की बात कही गई है। इसमें A’ali, Saar, Janabiya, Malkiya, Hamad Town, Abu Quwah, Salmabad और Karzakan जैसे इलाके शामिल हैं। सरकार की मदद से इन टूटे-फूटे पुराने घरों की मरम्मत की जाएगी और इन्हें ‘हेरिटेज विलेज’ का रूप दिया जाएगा।

इसके साथ ही, 12 जून 2024 को Barbar Temples को यूनेस्को लिस्ट में शामिल करने की स्टडी को तेज़ करने का फैसला लिया गया, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। वहीं, मुहर्रक काउंसिल ने 27 अक्टूबर 2024 को Arad Fort के आसपास के इलाके को ‘टूरिस्ट विलेज’ बनाने की मंजूरी दी है।

कैसे होगी मंजूरी और क्या है प्रक्रिया

इन सभी प्रस्तावों को पहले म्युनिसिपलिटीज अफेयर्स और एग्रीकल्चर मिनिस्टर Wael Al Mubarak के पास भेजा जाता है, जो फिर इसे इंफॉर्मेशन मिनिस्टर Dr. Ramzan Al Nuaimi को सौंपते हैं, क्योंकि BACA की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है।

बहरीन ने 1991 में यूनेस्को के नियमों को स्वीकार किया था। किसी भी जगह को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में डालने से पहले उसे देश की ‘टेंटेटिव लिस्ट’ में रखना होता है। बहरीन की इस लिस्ट में अभी छह जगहें हैं। बता दें कि बहरीन की तीन जगहें पहले से ही यूनेस्को लिस्ट में शामिल हैं, जिनमें Qal’at al-Bahrain, Pearling Path और Dilmun Burial Mounds शामिल हैं।

अब दुनिया की नजरें जुलाई 20 से 29, 2026 तक दक्षिण कोरिया के बुसान में होने वाले यूनेस्को की 48वीं बैठक पर होंगी, जहां 30 नए स्थलों के नामांकन पर विचार किया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.