बहरीन की एक अदालत ने 14 जुलाई 2026 को तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन लोगों पर ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के साथ मिलकर देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने का गंभीर आरोप साबित हुआ है। हाई क्रिमिनल कोर्ट ने पाया कि ये लोग ईरान को ऐसी खुफिया जानकारी दे रहे थे, जिससे बहरीन में आतंकी हमले होने का खतरा बढ़ गया था।

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जासूसी का तरीका और खुलासा

बहरीन की General Directorate of Criminal Investigation and Forensic Science की जांच में पता चला है कि ये आरोपी दो अलग-अलग मामलों में शामिल थे। एक आरोपी ने बहरीन के अंदर ही दूसरे लोगों को भर्ती किया था ताकि वे देश की महत्वपूर्ण जगहों की जानकारी इकट्ठा कर सकें। वहीं, दूसरे मामले में एक व्यक्ति सीधे ईरान के एक ऑनलाइन अकाउंट के जरिए वहां के अधिकारियों को बहरीन की रणनीतिक जगहों के वीडियो और सटीक लोकेशन भेज रहा था।

कानूनी कार्रवाई और कड़ा रुख

बहरीन के Terrorist Crimes Prosecution के मुख्य अभियोजक ने बताया कि इन आरोपियों पर विदेशी ताकतों के लिए जासूसी करने का मुकदमा चला है। बहरीन सरकार ने IRGC को साल 2018 से ही एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। बहरीन में सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने वाले अपराधों के लिए बहुत कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें फांसी तक की सजा हो सकती है। यह कार्रवाई बहरीन में चल रहे उन अभियानों का हिस्सा है, जो देश के अंदर छिपे हुए ईरान समर्थित नेटवर्क को खत्म करने के लिए किए जा रहे हैं। फिलहाल, ईरान और बहरीन के बीच कूटनीतिक तनाव के कारण क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com