बहरीन में 15 जुलाई 2026 को स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वहां के प्रमुख धर्मगुरु Sheikh Isa Qassim ने चेतावनी दी कि देश के शिया समुदाय को अस्तित्व के संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर शिया समुदाय के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने चिंता जाहिर की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
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हिरासत और दमन के गंभीर आरोप
बहरीन के मुख्य विपक्षी समूह al-Wefaq National Islamic Society ने आरोप लगाया है कि शिया विद्वानों के साथ जेलों में बुरा बर्ताव किया जा रहा है। समूह का कहना है कि उन्हें धमकी दी जा रही है और जबरन जुर्म कबूल करवाए जा रहे हैं। इन घटनाओं के लिए विपक्ष ने बहरीन के किंग और प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा, मई 2026 से ही शिया समुदाय के खिलाफ गिरफ्तारी, नागरिकता रद्द करने और धार्मिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने जैसे मामले सामने आ रहे हैं।
क्षेत्रीय तनाव का बढ़ा असर
तनाव के बीच ईरान ने बहरीन में स्थित US Fifth Fleet के लॉजिस्टिक ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। इस घटना के बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। मानवाधिकार संगठनों जैसे Shia Rights Watch और ADHRB ने सरकार से इन मनमानी गिरफ्तारियों और धार्मिक आधार पर होने वाली कार्रवाई को रोकने की अपील की है। बहरीन सरकार का कहना है कि वे किसी के साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं।
