Bahrain की Shura Council ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण कानूनों को मंजूरी दी है. इन बदलावों का सीधा असर देश के एनर्जी सेक्टर, कानूनी पेशे और संसद के कामकाज पर पड़ेगा. सरकार ने सिस्टम को आधुनिक बनाने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ये कदम उठाए हैं.
एनर्जी सेक्टर और डिजाइन नियमों में क्या बदलाव हुए?
Shura Council ने 25 अप्रैल 2026 को तीन बड़े कानूनों को पास किया. इसमें सबसे बड़ा बदलाव OAPEC का है, जिसे अब Arab Energy Organisation बना दिया गया है. Oil and Environment Minister डॉ. मोहम्मद बिन दाइना ने बताया कि अब यह संस्था सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट पॉलिसी पर भी काम करेगी.
इसके साथ ही Bahrain अब Locarno Agreement में भी शामिल हो गया है. इस समझौते से देश में इंडस्ट्रियल डिजाइन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और नए आविष्कारों की सुरक्षा बढ़ेगी. कमेटी की रिपोर्टर नैंसी खadouरी ने कहा कि इससे Bahrain के बौद्धिक संपदा ढांचे को मजबूती मिलेगी.
वकीलों के लिए नया कानून और संसद के नियम क्या हैं?
देश में वकीलों के काम करने के तरीके को बदलने के लिए एक नया कानून लाया गया है. यह पुराना 40 साल पुराना कानून था जिसे अब बदल दिया गया है. Justice Minister नवाफ अल मावदा के मुताबिक, नए कानून में प्रोफेशनल स्टैंडर्ड और नैतिकता पर ज्यादा जोर दिया गया है. इसका मकसद Bahrain Economic Vision 2030 को सपोर्ट करना है.
संसद के कामकाज में भी बड़ा बदलाव हुआ है. 26 अप्रैल 2026 को यह तय किया गया कि अब MPs के लिए मंत्रियों से सवाल पूछना आसान होगा. पहले इसके लिए 27 वोटों की जरूरत थी, लेकिन अब सिर्फ 21 वोटों से काम चल जाएगा. साथ ही, अगर कोई मामला गोपनीय है, तो उसकी चर्चा बंद कमरे में भी की जा सकेगी.
पैसे के लेन-देन और नौकरी से जुड़े कौन से प्रस्ताव आए?
बिना लाइसेंस के वित्तीय गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है. इसके तहत 10 लाख बहरीन दीनार तक का जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग को रोका जा सके. इसके अलावा, जर्सी के साथ टैक्स चोरी रोकने और डबल टैक्स खत्म करने का समझौता भी पास हुआ है.
- दिव्यांगों के लिए नौकरी: निजी कंपनियों में दिव्यांगों का कोटा 2% से बढ़ाकर 4% करने पर चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल इसे दोबारा रिव्यू के लिए भेजा गया है.
- टैक्स समझौता: जर्सी के साथ टैक्स चोरी रोकने का कानून अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है.