बहरीन के गृह मंत्रालय ने बुधवार की सुबह देश भर में सायरन बजाकर अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी है कि वे तुरंत अपने नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। यह कदम तब उठाया गया है जब अधिकारियों को क्षेत्र में हवाई खतरों की जानकारी मिली। सरकार ने लोगों से शांत रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिल रही जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
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क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति
यह घटनाक्रम तब हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका की ओर से ईरान पर हालिया हमलों और ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी लगाने के बाद, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने खाड़ी देशों और वहां मौजूद शिपिंग रूट को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। 13 और 14 जुलाई को भी बहरीन की डिफेंस फोर्स ने ईरानी हमलों को हवा में ही विफल कर दिया था।
हमले का मुख्य निशाना और अन्य देशों का हाल
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इसमें मुख्य रूप से Sheikh Isa Air Base और अमेरिका की Fifth Fleet के कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया है। बहरीन के साथ-साथ इस तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी देखा जा रहा है। Kuwait की वायु रक्षा प्रणाली ने भी ड्रोन खतरों को इंटरसेप्ट किया है, जबकि Jordan की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान की चार बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। बहरीन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से समुद्री सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
