बहरीन के गृह मंत्री शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने सुरक्षा को लेकर एक कड़ा बयान जारी किया है। 7 मार्च 2026 को जारी किए गए आदेश के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति महत्वपूर्ण स्थलों या सैन्य ठिकानों की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करता है, तो उसे ‘आक्रामकता में भागीदार’ माना जाएगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसा करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा। यह चेतावनी हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच आई है, ताकि संवेदनशील जानकारी दुश्मनों तक न पहुंचे।

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फोटो शेयर करना क्यों माना जाएगा अपराध?

सरकार का कहना है कि हवाई हमलों के बाद नुकसान या डिफेंस सिस्टम की तस्वीरें दुश्मन ताकतों को मदद पहुंचा सकती हैं। इसे रोकने के लिए मिलिट्री ज्यूडिशियरी लॉ 2002 के आर्टिकल 17 bis और पीनल कोड 1976 के आर्टिकल 135 का हवाला दिया गया है। इन कानूनों के तहत सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की आवाजाही या महत्वपूर्ण नागरिक प्रतिष्ठानों की कोई भी रिकॉर्डिंग सख्त मना है।

प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया पर लोकेशन और विजुअल्स शेयर करने से भविष्य के हमलों में मदद मिल सकती है। इसलिए, जो भी व्यक्ति ऐसी सामग्री पोस्ट करेगा, उस पर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने’ और ‘सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने’ के आरोप लगेंगे। यह नियम आम नागरिकों के साथ-साथ वहां रह रहे प्रवासियों पर भी समान रूप से लागू होगा।

अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

बहरीन के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने या स्ट्राइक की तस्वीरें डालने के आरोप में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके फर्जी तस्वीरें बनाने का भी आरोप है। बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से उन्होंने बड़ी संख्या में हमलों को रोका है।

  • इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें: 92
  • नष्ट किए गए ड्रोन: 151
  • हालिया गिरफ्तारी: 8 लोग

सऊदी अरब ने भी इस मुश्किल वक्त में बहरीन का साथ देने का वादा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी मिलिट्री यूनिट्स को बहरीन की सुरक्षा में मदद के लिए तैनात करने की तैयारी चल रही है।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या सलाह है?

प्रशासन ने सभी निवासियों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। गृह मंत्री ने हाल ही में जुफैर (Juffair) के रिहायशी इलाकों का दौरा किया और लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी घटना की रिपोर्टिंग अपने पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट से करने से बचें और केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें।

बहरीन में रह रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी तरह की फोटो, चाहे वह सामान्य ही क्यों न लगे, अगर वह किसी संवेदनशील इलाके के पास है, तो उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई तुरंत की जाएगी और इसमें कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.