बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक औपचारिक पत्र भेजकर ईरान की आक्रामक हरकतों का मुद्दा उठाया है. इस पत्र में बहरीन के साथ UAE, सऊदी अरब, कतर और कुवैत ने भी अपनी सहमति दी है. इन देशों का कहना है कि ईरान लगातार क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है.

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बहरीन और खाड़ी देशों ने UN को क्या बताया?

बहरीन ने अपने पत्र में बताया कि ईरान की हरकतें सिर्फ एक बार की घटना नहीं बल्कि एक पुराना तरीका है. ईरान लंबे समय से इलाके में अल-कायदा और हूतियों जैसे सशस्त्र समूहों और उनके नेटवर्क की मदद कर रहा है. पत्र में यह साफ कहा गया कि यह व्यवहार अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है.

इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

मार्च 2026 में मानवाधिकार परिषद ने ईरान के हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पास किया था. बहरीन अप्रैल महीने के लिए UN सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है. बहरीन ने UN को बताया कि 28 फरवरी 2026 से ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं. अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने भी इस मामले में बहरीन और अन्य खाड़ी देशों का पूरा समर्थन किया है.

ईरान और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

ईरान ने बहरीन के इन आरोपों को पूरी तरह गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है. ईरान के प्रतिनिधि का दावा है कि बहरीन ने अमेरिका और इजराइल को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए करने दिया. दूसरी तरफ, रूस और चीन ने बहरीन द्वारा लाए गए प्रस्तावों की भाषा पर आपत्ति जताई और इसे एकतरफा बताया.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.